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Saturday, November 07, 2009 02:23 [IST]  

danik bhaskarनहीं झुकेगी भाजपा, बने रहेंगे येदियुरप्पा

Bhaskar News

BJP नई दिल्ली. कर्नाटक में रेड्डी बंधुओं के अड़ियल रवैये से सांसत में फंसी भाजपा सरकार को लगता है जीवनदान मिल गया है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने राज्य के पर्यटन मंत्री जर्नादन रेड्डी को दो टूक कह दिया कि मुख्यमंत्री येदियुरप्पा बदले नहीं जाएंगे। साथ ही उन्हें साफ तौर पर यह भी बता दिया गया है कि अगर उन्हें यह मंजूर नहीं है, तो पार्टी के सामने फिर से चुनाव में जाने का विकल्प खुला है।



आला नेताओं का मानना है कि चुनाव में जाने की स्थिति में रेड्डी का साथ दे रहे विधायकों को झटका लगेगा और उनके गुट में बिखराव होगा। कारण यह है कि कोई भी विधायक दो साल के अंदर ही फिर से चुनाव में नहीं जाना चहेगा।



भाजपा सूत्रों के अनुसार पार्टी बागी रेड्डी बंधुओं की ज्यादातर अन्य मांगें मानने को तैयार दिख रही है। इसके अलावा प्रदेश में आइंदा ऐसी स्थिति न बने इसके लिए एक समन्वय समिति के गठन का प्रस्ताव है जिसमें प्रदेश के प्रमुख लोगों के अलावा केंद्र का एक वरिष्ठ नेता होना तय है।



मामला पूरी तरह सुलझाने के इरादे से मुख्यमंत्री को शनिवार को भी दिल्ली में बने रहने को कहा गया है। अन्य फैसलों में मुख्यमंत्री की करीबी कही जाने वाली ग्रामीण विकास मंत्री शोभा करंदलाजे को कैबिनट से हटाना, बेल्लारी इलाके में अफसरों की नियुक्ति रेड्डी बंधुओं की मर्जी से करना, विधानसभाध्यक्ष जगदीश शेट्टार को अहम मंत्रालय देना शामिल है।



उधर, जनार्दन रेड्डी हैदराबाद के लिए रवाना हो गए है, जहां पार्टी के बागी विधायक एक पांच सितारा रिसोर्ट में ठहरे हुए हैं। उनके रविवार तक दिल्ली लौटने की संभावना है। इससे पहले पिछले चार दिनों की तरह शुक्रवार को भी कर्नाटक के मसले को लेकर भाजपा नेताओं में बैठकों का दौर जारी रहा। जनार्दन रेड्डी ने वरिष्ठ नेता सुषमा स्वराज व वेंकैया नायडू से मुलाकात की।



उनका दावा था कि पार्टी के पचास से ज्यादा विधायक उन्हें अपना इस्तीफा भेज चुके हैं। इनमें से अधिकांश हैदराबाद के एक जाने-माने रिसॉर्ट में डेरा डाले हुए हैं। लेकिन स्वराज ने रेड्डी को केंद्र का यह फैसला सुना दिया कि मुख्यमंत्री को बदला नहीं जाएगा। मालूम हो कि सुषमा बेल्लारी से अपने संबंधों के चलते रेड्डी बंधुओं की करीबी बताई जाती हैं।



हालांकि पार्टी के विश्वस्त सूत्रों का कहना है कि बगावत को हवा देने में अनंत कुमार ज्यादा सक्रिय रहे हैं। देर शाम पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह, अरूण जेटली, सुषमा स्वराज, वेंकैया नायडू शीर्ष नेता लालकृष्ण आडवाणी के आवास पर मिले। बैठक के बाद शनिवार तक मामले का निपटारा होने के आसार दिखने लगे। संभावना है कि पार्टी एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में नए फैसलों का खुलासा कर सकती है। हालांकि उससे पहले हैदराबाद से रेड्डी बंधुओं का रूख देखना जरूरी होगा।

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