दर्द से कहराती रही महिला नर्स को नहीं आया तरस
अम्बाला. कैंट के सिविल अस्पताल में शुक्रवार रात डिलीवरी के लिए वार्ड नंबर दो की महिला रेनू दर्द से तड़फती रही मगर नर्स ने डाक्टर न होने की बात कहकर महिला को एडमिट नहीं किया। काफी देर तक महिला के परिजन नर्र्सो के सामने गिड़गिड़ाते रहे।
नर्स निधि ने महिला पर जरा सा भी तरस नहीं आया। महिला की तकलीफ बढ़ने पर परिजनों ने प्राइवेट अस्पताल में महिला को दाखिल कराना पड़ा। इस दौरान पार्षद सुरेश गर्ग, गगन डांग सहित महिला का पिता विजय कुमार मौके आए। नर्र्सो से बातचीत की तो नर्स रिंकू ने मेंटल कहकर उन्हें अस्पताल से बाहर जाने को कहा।
इस जवाब से पाषर्द गुस्सा हो गए और पार्षदों ने कहा कि अस्पताल में रुपए देकर डिलीवरी की जाती है। मामला तूल पकड़ने पर एमरजेंसी पर ड्यूटी दे रहे डाक्टर ने आरएमओ को सूचित किया। आरएमओ डा. विजय बंसल ने मौके पर आकर नर्स को समझाया। डाक्टर ने कहा तीन तरह के दर्द होते हैं। महिला रेनू को जो दर्द था, उससे 10-12 घंटे तक डिलीवरी नहीं होती।










