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Saturday, November 07, 2009 02:36 [IST]  

danik bhaskarकालेज के सामने मर्डर

Bhaskar News

ambalaअम्बाला सिटी. पुरानी खुन्नस को लेकर डीएवी कालेज की पार्किग में अपने भाई के साथ खड़े युवक को तलवारें मारकर मौत के घाट उतार दिया। यह घटना शुक्रवार दोपहर की है।चरखी मोहल्ला का तरविंद्र एसए जैन कालेज में बीए फाइनल ईयर का छात्र है।

वह अपने भाई के अमरेंद्र के साथ डीएवी कालेज गया था, क्योंकि रविंद्र के दोस्त का कंपार्टमेंट का पेपर था। दोनों भाई पेपर के खत्म होने का इंतजार कर रहे थे। ताकि वह अपने दोस्त के साथ वापस जा सकें। थोड़ी देर तक दोनों भाई बातचीत करते रहे। इतने में वहां पर कुछ युवक पहुंच गए।

उनके हाथ में तलवार व अन्य धारदार हथियार थे। युवकों ने दोनों भाइयों पर हमला कर दिया। प्रत्यक्षदर्शी बताते हैं कि दोनों भाई वहां से जान बचाकर भागे, लेकिन हमलावर उनके पीछे-पीछे भागे। इतने में एक हमलावर युवक ने अमरेंद्र की पीठ में तलवार मारी।

इसी बीच तरविंद्र ने अपने भाई को बचाने का प्रयास किया, लेकिन हमलावर युवकों ने भी उसे भी नहीं छोड़ा तथा उस पर धारदार हथियार से हमला कर दिया, जिस कारण तरविंद्र भी वहीं पर गिर गया।

उसके बाद भी हमलावर युवकों ने अमरेंद्र पर पैरों तथा हाथों से वार जारी रखे। इसी बीच वहां पर इस हमले को देखकर कालेज के छात्र एकत्रित हो गए। इतने में युवक वहां से फरार हो गए। कालेज के छात्र दोनों भाइयों को सिटी के सिविल अस्पताल लाए। जहां पर अमरेंद्र ने दम तोड़ दिया।

पहले भी हुआ था झगड़ा

दोनों गुटों के बीच पहले से ही खुन्नस चल रही थी। लगभग दो माह पूर्व हमलावरों में से एक युवक को जैन कालेज के बाहर तरविंद्र तथा उसके साथियों ने बुरी तरह से उस समय पीटा था जब वे तरविंद्र को मारने के लिए पहुंचे थे। उसके बाद से ही दोनों गुटों में जबरदस्त तनाव था।

इन पर लगाया आरोप

घायल तरविंद्र ने बताया कि उन पर हमला रीतू हत्याकांड के आरोपी गुलशन उर्फ सोनू के भाई सुरेंद्र, अमित, राजा, अमन ने किया है। तरिवंद्र ने कहा कि वे तो अपने दोस्त को मिलने के लिए कालेज गए थे। जहां पर आरोपियों ने उन पर हमला कर दिया। पुलिस तरविंद्र को पूरी तरह होश में आने की इंतजार कर रही है।

गुमशुम हो गए पिता

अमरेंद्र झगड़े के केस में जेल में हवालाती था। वह कुछ दिन पूर्व ही जेल से जमानत पर रिहा हुआ था। अमरेंद्र की शादी भी कुछ साल पूर्व हुई थी। उसके एक छोटा बच्च भी है। अमरिंद्र के पिता जमींदार हैं। जब अमरिंद्र के पिता गुरपाल सिंह सिविल अस्पताल पहुंचे तो उन्होंने अपने जवान बेटे की लाश देखी।

वे बेटे की लाश को देखकर गुमशुम हो गए। उनकी आंखें पथरा गई थी। न वे कुछ बोल पा रहे थे और न ही किसी से कोई बातचीत कर रहे थे। वे बस टकटकी लगाए अपने बेटे के शव को देखते रहे। काफी देर बाद उनकी आंखों से आंसू टपके। उन्हें यकीन नहीं हो रहा था कि उनका बेटा जो सुबह उनके साथ हंसी मजाक कर रहा था। इस समय वह दुनिया को अलविदा कह चुका है।

जल्द कर लेंगे हत्यारों को गिरफ्तार

अमरेंद्र की हत्यारों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। हत्यारों को पुलिस जल्द ही गिरफ्तार कर लेगी। - भारती अरोड़ा, एसपी अम्बाला।



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