अब फौज में भर्ती होकर देश की हिफाजत का इरादा
चंडीगढ़. जम्मू-कश्मीर के राजौरी में आतंकवादियों से लोहा लेने वाली रुखसाना अब फौज में भर्ती होना चाहती हैं। रुखसाना कहती हैं ‘हमें वर्दी पहना दो, हम देश की हिफाजत करना चाहते हैं’।
शुक्रवार को प्रेस क्लब में ऑल इंडिया एंटी टेररिस्ट फ्रंट की प्रेस कॉन्फ्रेंस में रुखसाना ने कहा, ‘कश्मीर भारत का हिस्सा है, यह अलग नहीं हो सकता। घाटी में आतंकवाद खत्म करने के लिए वहां के लोगों को फौजियों जैसा प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए।’ अपने भाई एजाज अहमद, पिता नूर अहमद और मां रशीदा के साथ आईं 20 वर्षीय रुखसाना की बातों से जहां दिलेरी झलकी वहीं सरकार के प्रति कुछ नाराजगी भी दिखी।
उन्होंने कहा, इस घटना के बाद सरकार की ओर से उनकी कोई मदद नहीं की गई, न ही पुरस्कार दिया गया। जबकि इस घटना के बाद आतंकवादी दो बार उनके घर पर हमला कर चुके हैं। एक बार दूर से घर पर फायरिंग हुई और दूसरी बार ग्रेनेड फेंका गया। हालांकि, दोनों बार कोई घर पर नहीं था। धमकियों का सिलसिला अब भी जारी है।
एंटी टेररिस्ट फ्रंट के चेयरमैन मनिंदर सिंह बिट्टा ने बताया कि घटना के बाद इस परिवार के सामने कई दिक्कतें खड़ी हुई हैं। यहां तक कि उन्हें गांव से जम्मू तक पहुंचाने के लिए कोई टैक्सी चालक तैयार नहीं हुआ, लोगों में डर है कि इस परिवार का साथ देने वाले भी आतंकियों के निशाने पर आ जाएंगे। बिट्टा ने कहा कि सरकार इस परिवार की मदद करे या न करे, वह उनके साथ हैं। उन्होंने इस परिवार को दो लाख रुपये की मदद दी है।
मार गिराया था एक आतंकी, दो हथियार छोड़ भागे
27 सितंबर की रात राजौरी के शहादरा गांव में नूर अहमद के घर तीन आंतकी जबरन घुस आए थे। आतंकी इस परिवार को मारने की फिराक में थे। अपने परिवार की जान खतरे में देख रुखसाना ने कुल्हाड़ी से एक आतंकी के सिर पर वार किया। उसका भाई भी आतंकियों से भिड़ गया। इस घमासान में रुखसाना के हाथ आतंकियों की एके-47 आ गई और उसने एक आतंकी को मार गिराया। दो आतंकी जान बचाकर भाग गए थे, एक बुरी तरह घायल था।










