शशिकांत बने डीजीपी
चंडीगढ़. पंजाब सरकार ने 1977 बैच के आईपीएस अधिकारी शशिकांत को एडीजीपी पद से प्रमोट कर डीजीपी बना दिया है। इस संबंध में शुक्रवार को राज्य के गृह विभाग के प्रमुख सचिव ने आदेश जारी कर दिए हैं। शांशिकांत इस वक्त इंटरनल विजिलेंस सैल का कार्यभार देख रहे हैं। अन्य विंगों की तैनाती करने के आदेश शनिवार को जारी होने की संभावना है।
अकाली-भाजपा सरकार के सत्ता में आते ही शशिकांत को राज्य पुलिस के महत्वपूर्ण इंटेलिजेंस विंग का चीफ बना दिया गया था। लेकिन कुछ माह बाद ही शशिकांत से यह पद छीन लिया गया था। उसके बाद इटेंलिजेंस विंग के चीफ पद की जिम्मेदारी एडीजीपी सुरेश अरोड़ा को सौंप दी गई थी।
डीजीपी पद के दावेदारों की कतार में थे शशिकांत
पंजाब से एन.पी.एस. औलख के नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (एनएसजी) के डीजीपी पद के डेपूटेशन पर चले जाने के बाद पंजाब में डीजीपी का पद रिक्त हो गया था। उसके बाद से एडीजीपी शशिकांत डीजीपी पद के दावेदारों की कतार में होने का कारण काफी चर्चा में रहे थे।
वरिष्ठ आईपीएस होने के कारण यह जिम्मेदारी 1972 के आईपीएस अधिकारी के.के.अत्री को सौंप दी गई। परंतु जम्मू-कश्मीर के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी परमदीप सिंह गिल को डीजीपी बनाने के फैसले ने सभी दावेदारों को आश्चर्य में डाल दिया।










