सेंट जॉन्स की जांच कमेटी पर यकीन नहीं
चंडीगढ़. सेंट जॉन्स स्कूल सेक्टर 26 के टीचर माइकल एंजेलो फ्रांसेस पर विद्यार्थियों को एडल्ट साइट ज्वाइन करने के लिए उकसाने के आरोप ने शुक्रवार को नया मोड़ ले लिया।
वीरवार को स्कूल प्रशासन ने अभिभावक से 24 घंटों के भीतर आरोपों के सबूत मांगे थे। शुक्रवार को अभिभावक ने स्कूल को लिखा है कि उन्हें स्कूल द्वारा बैठाई गई जांच पर भरोसा नहीं है। प्रशासन के जांच अधिकारी अगर उनसे सबूत मांगेगे, तो वह उनके समक्ष सबूत रख देंगे। इस पर स्कूल प्रशासन का कहना है कि अगर उन्हें स्कूल प्रशासन पर विश्वास ही नहीं है, तो उन्होंने अपने दो बच्चों को स्कूल में दाखिल क्यों कराया और फिर शिकायत देने का क्या औचित्य है।
उधर माइकल ने स्कूल को दी शिकायत में कहा है, ‘अभिभावक अपने बच्चों द्वारा कंपोज किए गए 15 गानों को स्कूल की आने वाली एलबम में डालना चाहते थे। इसलिए मुझे भी कई बार महंगे उपहार, विदेश दौरे पर भेजने का प्रलोभन दिया। मेरे इंकार करने पर मेरी झूठी शिकायत कर दी।’ हालांकि अभिभावक ने इससे इनकार किया है।
भर्ती घोटाले की सीबीआई जांच के लिए याचिका
शिक्षक भर्ती घोटाले की जांच में विवादों में आई चंडीगढ़ पुलिस की जांच रिपोर्ट और प्रशासन की कार्रवाई के खिलाफ शुक्रवार को एक एडवोकेट ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की है। इसमें कहा गया है कि इस पूरे मसले में शिक्षा विभाग के कई आला अधिकारियों के नाम सामने आ रहे थे, जिनको दबाया गया है।
याची ने कहा है कि पुलिस इस केस की पूरी जांच में डीपीआई सम्वर्तक सिंह और जॉली के संबंधों के कारणों को भी स्पष्ट नहीं कर सकी। केस में सामने आ रहे कई महत्वपूर्ण तथ्यों को नजरअंदाज किया गया। होम सेक्रेटरी और पुलिस की अलग-अलग बयान को याची ने अपना आधार बनाया है। इस याचिका पर अभी फैसला सुरक्षित रखा गया है। एडवोकेट अरविंद ठाकुर ने सेंट्रल विजिलेंस कमीशन में भी याचिका दायर कर होम सेक्रेटरी रामनिवास, एसएसपी एसएस श्रीवास्तव, एसपी मधुर वर्मा को पार्टी बनाया गया है।










