रामगढ़ में फ्लाईओवर और घग्गर पर नया पुल
पंचकूला. मोरनी या नाडा साहिब जाने के लिए घग्गर नदी पर बने संकरे पुल से आपको छुटकारा मिलने जा रहा है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने एनएच-73 का फोरलेनिंग प्रोजेक्ट तैयार कर लिया है जिसके तहत पंचकूला-नाडा साहिब सड़क पर घग्गर पर एक नया पुल भी बनाया जाना है।
इसी हाईवे के किनारे आगे चलकर हरियाणा अर्बन डेवलपमेंट अथॉरिटी एक नई टाउनशिप भी बसाने जा रहा है। जबकि बरवाला में पहले से ही एक इंडस्ट्रियल इस्टेट है। इस इलाके में आने वाले कुछ वर्षो में आबादी के बढ़ते दबाव को देखते हुए हाईवे की चौड़ाई बढ़ाई जा रही है।
पंचकूला से बरवाला तक ट्रैफिक में कोई रूकावट न आए इसके लिए रामगढ़ में एक फ्लाईओवर भी बनाया जाएगा। पंचकूला के सेक्टर 28 और 27 रामगढ़ से सटे हैं। इस प्रोजेक्ट से जुड़े एक सीनियर अधिकारी कहते हैं, जिस तरह से चंडीगढ़- दिल्ली हाईवे पर डेराबस्सी के पास टोल प्लाजा बनाया गया है उसी तरह से बरवाला के पास एक टोल बनेगा। हाईवे पर 43 नए पुल बनने जा रहे हैं। इनमें एक बड़ा पुल घग्गर नदी पर पंचकूला में नाडा साहिब के पास भी बनेगा, जहां पहला पुल वर्ष 1973 में बना था।
इसके अलावा चार नए बाईपास, चार फ्लाईओवर व इतने ही अंडरपास बन रहे हैं। एक फ्लाईओवर पंचकूला से 8 किलोमीटर दूर रामगढ़ में सैन्य क्षेत्र की टीबीआरएल (टर्मिनल ब्लास्टिक रिसर्च लैब) के सामने क्रॉसिंग पर बनेगा, जिससे लोकल ट्रैफिक को हाईवे के ट्रैफिक की वजह से आने-जाने में परेशानी नहीं होगी। एनएचएआई ने फोरलेनिंग प्रोजेक्ट की लागत 752 करोड़ रुपये तय की है। लिहाजा सड़क पर सफर करना थोड़ा महंगा भी हो जाएगा, क्योंकि सड़क की लागत वसूलने के लिए पंचकूला व यमुनानगर में टोल प्लाजा लगेंगे।
पंचकूला एरिया में टोल प्लाजा रामगढ़ से आगे और बरवाला से पहले निजी क्षेत्र के मैंगो रिजॉर्ट के सामने बनेगा। फोरलेनिंग का काम बीओटी के आधार पर कराया जाना है। इसके लिए योग्य एजेंसी चुनने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। साथ ही किन गांवों की कितनी जमीन अधिगृहीत की जानी है, इसके लिए भूमि अर्जन कलेक्टर पंचकूला का कार्यालय एनएचएआई द्वारा तैयार नोटिफिकेशन को वैरीफाई कर रहा है। इसे अंतिम मंजूरी के लिए भारत सरकार की सक्षम अथॉरिटी के पास भेजा जाएगा।
458 हेक्टेयर जमीन होगी एक्वायर
एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर अनिल दहिया ने बताया कि फोरलेनिंग के लिए पंचकूला, अंबाला और यमुनानगर जिले में हाईवे से सटी 458 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया जाना है। इसका काम सितंबर 2010 तक शुरू होगा।
निर्माण अवधि 910 दिन तय की गई है। हाईवे पर आने-जाने वालों से 21 साल तक टोल टैक्स वसूला जाएगा। टोल टैक्स कितना होगा, अभी तय होना है। अभी हाईवे कई जगह 10 मीटर चौड़ा और कई जगह सात से नौ मीटर भी है।
बनेंगे चार बाईपास
फोरलेनिंग के चलते 13 पुल 60 मीटर से बड़े और 30 पुल 60 मीटर से छोटे बनाए जाने हैं। इसके अलावा चार बाईपास बनेंगे। इनमें 23 किलोमीटर लंबा यमुनानगर-जगाधरी, 5.7 किलोमीटर लंबा साहा में, 5.4 किलोमीटर लंबा शहजादपुर और 8 किलोमीटर लंबा बरवाला-टांगरी एरिया में बनेगा।










