77 लाख की दवाएं बरामद, तीन काबू
रोहतक. अपराध जांच शाखा ने 77 लाख रुपए की चोरी की दवाएं बरामद की हैं। इस सिलसिले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। यह तीनों बदमाश लूट की योजना बनाते समय पुलिस की गिरफ्त में आए। तीन आरोपी अभी गिरफ्त से बाहर हैं। बरामद की गई दवाएं जयपुर से गाजियाबाद ले जाते समय रास्ते में चोरी हुई थी।
रोहतक रेंज के आईजी वी कामराजा ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि अपराध जांच शाखा के सहायक उप निरीक्षक दिलबाग सिंह रेलवे फाटक जींद बाईपास पर पुलिस पार्टी के साथ पेट्रोलिंग पर थे। इसी दौरान उन्हें सूचना मिली कि तीन बदमाश आने-जाने वाले व्यक्तियों को लूटने की योजना बना रहे हैं।
उन्होंने सड़क र्प ईट-पत्थर डाल रखे हैं। सड़क के साथ ही एक कार (नंबर डीएल 3 सीई 2123) खड़ी है। पुलिस नीली बत्ती और पुलिस विभाग की प्लेट हटाकर जींद रोड पर पहुंची। तभी तीन युवक आए और पुलिस पार्टी को ही लूटने की कोशिश की। उन्हें काबू कर लिया गया।
पकड़े गए युवकों में भालौठ निवासी गुलाब सिंह, शास्त्री नगर बहादुरगढ़ निवासी अनिल और बोढा (उत्तर प्रदेश) निवासी राजेश शामिल हैं। उनके पास से लोहे की पाइप, राड और चाकू बरामद किए गए हंै। इन तीनों को अदालत में पेश किया गया, जहां से 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
सितंबर में चोरी की दवाएं
गुलाब ने बताया कि सितंबर 2009 में वे जयपुर की बालाजी ट्रांसपोर्ट कंपनी के जरिए भोरूका लोजिस्ट कंपनी से दवाओं के 562 कार्टन कैंटर में लोड करके गाजियाबाद के लिए चले। रोहतक आने पर गुलाब ने 64 पेटी अपने पास और 100 पेटी अनिल बहादुरगढ़ ने रख ली।
बाकी पेट्टियों को विनोद मित्तल के जरिए बाकी साथियों ने बांट लिया। बाद में कैंटर नूंह के नजदीक एक होटल वाले को 60 हजार में बेच दिया। जयपुर में इस संबंध में 21 सितंबर को मुकदमा भी दर्ज हुआ।
पूछताछ में हुआ खुलासा
आईजी ने बताया कि युवाओं से पूछताछ में दवाओं के मामले का खुलासा हुआ। भालौठ निवासी गुलाब ने बताया कि वर्ष 2008 में वह धोखाधड़ी के अभियोग में जमानत पर आया हुआ है। उसने बहादुरगढ़ निवासी अनिल, शीतल नगर निवासी धर्मबीर, विनोद मित्तल, महम निवासी रामकिशन, भिवानी निवासी बलवान सिंह व डाबला झज्जर निवासी बलवान से संपर्क साधा और धोखाधड़ी से पैसा कमाने की योजना बनाई। इस दौरान पानीपत से तेल टैंकर चोरी किया। उस टैंकर को जयपुर से कैंटर टाइप बनवा लिया। इस कैंटर की जाली आरसी नंबर एचआर 39बी-0681 बनाकर नंबर प्लेट लगा ली।










