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Saturday, November 07, 2009 03:36 [IST]  

danik bhaskarओलंपिक ‘गोल्ड’ पर है सूरमाओं की नजर

प्रतिभा विरदी

पटियाला. अभिनव बिंद्रा, राज्यवर्धन सिंह राठौर और नवीन जिंदल जैसे चमकते सितारों की तरह ही शूटिंग में कमाल दिखाने को बेताब हैं, कई यंग शूटर्स। शूटिंग में ओलंपिक गोल्ड जीतने के बाद से भारतीय युवाओं में शूटिंग के प्रति दीवानगी बढ़ रही है। शूटिंग में सुनहरा भविष्य देख रहे युवाओं ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन पटियाला की मैन शूटिंग रेंज में दिखाई। इनमें से दो युवा शूटर्स ने ‘दैनिक भास्कर’ के साथ अपने विचार सांझे किए।



मामा के नक्शे कदम पर भांजा निर्वाण सिंह: पटियाला मैन शूटिंग रेंज में चल रही 9वीं आल इंडिया जीवी मावलंकर शूटिंग चैंपियनशिप के जूनियर ट्रैप वर्ग में गोल्ड मैडल हासिल करने वाले निर्वाण सिंह देश के लिए ओलंपिक मैडल जीतना चाहते हैं। 5 साल तक एयर राइफल में हाथ आजमाने के बाद एक महीना पहले ही निर्वाण ने शॉटगन ट्रैप मुकाबले के लिए प्रैक्टिस शुरू की और राष्ट्रीय चैंपियनशिप के लिए क्वालीफाइ किया है।



पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह व विदेश राज्य मंत्री महारानी परनीत कौर के नाती और रणइंद्र सिंह के भांजे निर्वाण को बचपन से ही शूटिंग में दिलचस्पी रही। दिल्ली निवासी निर्वाण ने आल इंडिया स्कूल व यूनिवर्सिटी स्तर पर एयर राइफल में कई उपलब्धियां हासिल की हैं।



बकौल निर्वाण शूटिंग में युवाओं का भविष्य काफी अच्छा है। मैंने अपनी दादी मां यादविंद्र कौर को देखते हुए शूटिंग करनी शुरू की। शूटिंग में नेम और फेम दोनों हैं। इसलिए अपना भविष्य शूटिंग में बनाना चाहता हूं। राजनीति में आने का अभी कोई इरादा नहीं है।



10 दिन में जीता गोल्ड



यूपी के लखनऊ के रहने वाले अब्बास अंसारी ने स्कीट वर्ग मुकाबले में गोल्ड मैडल हासिल किया है। उन्होंने बताया कि शूटिंग में आए उन्हें 10 दिन ही हुए हैं। पहले दो दिन तो शूटर्स को शूटिंग करते देखा। उसके बाद खुद प्रैक्टिस की। इसमें पूरे विजन की जरूरत होती है और उसी विजन का इस्तेमाल करते हुए गोल्ड हासिल किया है।



गुड़गांव से 11वीं कक्षा की पढ़ाई कर रहे अंसारी ने बताया कि अपने एक अंकल के कहने पर ही उन्होंने शूटिंग की प्रैक्टिस शुरू की। चूंकि शूंटिग में अब कैरियर की संभावनाएं काफी बढ़ गई हैं। व्यक्तिगत गेम होने की वजह से इसमें एक्पोजर भी काफी ज्यादा है।

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