आखिर धरी गई हत्या की आरोपी
जयपुर. राजधानी में छह माह पहले हुए बहुचर्चित मुकेश मंगल हत्याकांड के दो मुख्य अभियुक्तों को आखिर पुलिस ने पकड़ ही लिया। पुलिस को इसके लिए 180 दिन, 3क्क्क् किमी घूमकर 18 शहरों की खाक छाननी पड़ी।
हालत यह थी कि आरोपी आगे-आगे थे और पुलिस पीछे-पीछे। इस हत्याकांड की गूंज विधानसभा तक में हुई थी। पुलिस के एक अधिकारी की भूमिका पर सवाल उठाए गए थे। आरोपियों को पकड़वाने के लिए शहर के बुद्धिजीवी वर्ग को प्रदर्शन करना पड़ा था।
व्यावसायिक प्रतिस्पर्धा के कारण ज्योतिनगर स्थित अंकुर अपार्टमेंट में व्यवसायी मुकेश मंगल की हत्या कर फरार हुए मुख्य आरोपियों को पुलिस ने शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के फरार होने में एएसपी रमेशचंद की भूमिका को लेकर विधानसभा में हंगामा हुआ था। पुलिस करीब दो माह से आरोपियों का पीछा कर रही थी। शुक्रवार को दोनों को महवा से दबोच लिया।
आरोपियों के पास से पुलिस ने पांच सिम, एटीएम, खाली चेक, विजिटिंग कार्ड बरामद किए हैं। फरार दोनों आरोपियों पर पुलिस की ओर से 4-4 हजार रुपए का इनाम घोषित था। पुलिस महानिरीक्षक जयपुर रेंज प्रथम बीएल सोनी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी शारदा कॉलोनी जयसिंहपुरा निवासी अनूप शर्मा तथा भगवती नगर महेशनगर निवासी वंदना परिहार है। दो और आरोपी फरार हैं, जबकि एक आरोपी बजरंग लाल पूर्व में ही गिरफ्तार हो चुका है।
कई बार किया थाने का घेराव
आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग पर चार्टेड अकाउंटेट, डॉक्टर्स व अन्य लोगों ने ज्योति नगर थाने का घेराव किया था। विधानसभा के बाहर प्रदर्शन किया था। इसे लेकर विधानसभा में हंगामा हुआ था। मृतक मुकेश मंगल सवाई मानसिंह अस्पताल में अतिरिक्त अधीक्षक डॉक्टर के.के. मंगल तथा सीए राजेश मंगल का भाई था।
कई जगह पीछा किया
वारदात के बाद आरोपियों को बजाज नगर थाना पुलिस ले आई थी, लेकिन तब तक मुकेश की हत्या की पुष्टि नहीं होने के कारण पुलिस ने आरोपियों को छोड़ दिया। बाद में आरोपी फरार हो गए। उनकी गिरफ्तारी के लिए सदर वृत्ताधिकारी प्रदीप रिणवा के नेतृत्व में सीआई कैलाश बोहरा सहित पांच पुलिसकर्मियों की टीम बनाई। पुलिस टीम आरोपियों की मोबाइल कॉल लोकेशन के आधार पर दिल्ली, गुड़गांव, अंबाला, सहारनपुर, हरिद्वार, ऋषिकेश, पुणो, गोवा, मथुरा, भरतपुर, आगरा, भोपाल, इंदौर, शिरडी, नासिक, सूरत, मुंबई, बड़ौदा आदि जगह पीछा किया, लेकिन हाथ नहीं आए।
जयपुर से जमा होते रहे खाते में रुपए
पुलिस ने आरोपियों के पास से पांच मोबाइल सिम बरामद की हैं, इनमें से केवल एक सिम राजस्थान से खरीदी गई है। शेष राज्य से बाहर की हैं। जांच में सामने आया है कि आरोपियों के लिए जयपुर से उनके अकाउंट में रुपए डलवाए जाते थे। आरोपी परिजनों से एसटीडी से बात करते थे।
यह था मामला
20 मई को मुकेश को वंदना तथा अनूप ने फोन कर अमरुदों के बाग के पास स्थित अंकुर अपार्टमेंट में बुलाया। रात को मुकेश वहां पहुंचा तो वहां उसे पकौड़े में नशीला पदार्थ खिलाकर बेहोश कर दिया। इसके बाद उन्होंने बेसबॉल के डंडे तथा लाठियों से उसके सिर पर वार कर हत्या कर दी और फरार हो गए। वंदना व अनूप सरकारी कार्यालयों में स्टेशनरी सप्लाई का काम करते थे। यही काम मुकेश मंगल करता था। मुकेश का काम अच्छा चल रहा था जिसे लेकर उनमें व्यावसायिक रंजिश हो गई थी।










