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Saturday, November 07, 2009 03:45 [IST]  

danik bhaskarमर्डर मिस्ट्री में पुलिस मुखबिर तंत्र फेल

भास्कर न्यूज

अजमेर. ब्लाइंड मर्डर की लंबी फेहरिश्त जिला पुलिस की खोजी प्रवृत्ति में कमी की ओर इशारा कर रही है। वंदना हत्याकांड से यह फेहरिश्त ओर लंबी हो गई है। मामले की जांच कोल्हू के बैल की तरह जहां से शुरू थी वहीं आकर ठहरती नजर आ रही है। ऐसे में सवाल उठने लगा है कि क्या इस तफ्तीश का अंजाम भी वहीं होगा, जो बहुचर्चित बलवंता सामूहिक हत्याकांड, राजेंद्रपुरा और प्रकाश रोड पर दंपती हत्याकांड की तफ्तीश का हुआ था। इन मामलों में अपराधियों को पकड़ना तो दूर पुलिस उनकी पहचान तक नहीं कर सकी।



नहीं बदला तफ्तीश का तरीका



ढाई साल पहले प्रकाश रोड इलाके में वृद्ध दंपती हत्याकांड और ताजा वंदना हत्याकांड में तफ्तीश के तरीके में पुलिस ने कोई बदलाव नहीं किया है। दोनों ही मामलों में पुलिस जांच के दायरे में मृतकों के परिजन हैं। अलवर गेट थाना क्षेत्र में प्रकाश रोड पर दिसंबर 2007 में तुलसीराम और उसकी पत्नी कृष्णा की हत्या कर दी गई थी।



इस मामले में पुलिस तफ्तीश की दिशा दंपती के पुत्र महेश की तरफ केंद्रित रही, लेकिन नतीजा सिफर रहा। साक्ष्य के अभाव में पुलिस ने फाइल बंद कर दी। तफ्तीश का यही नजरिया पुलिस ने वंदना नागरानी हत्याकांड में अपना रखा है। पुलिस ने वंदना के पिता और पति को प्राइम सस्पेक्ट मान रखा है, लेकिन 25 दिन की तफ्तीश में पुलिस को इनके खिलाफ कोई पुख्ता साक्ष्य हासिल नहीं हुए।



पुलिस तहकीकात मृतका के परिजनों से दूसरी तरफ नहीं हो पा रही। इसी तरह हाथीभाटा राजेंद्रपुरा इलाके में 28 जुलाई 2007 को पूरण सिंधी और उसकी प्रेमिका की हत्या के मामले से भी पुलिस पर्दा नहीं उठा सकी। वारदात के दो साल बाद भी पुलिस अपराधी को पकड़ना तो दूर उसकी पहचान तक नही कर पाई। पुलिस ने मृतक की पारिवारिक रंजिश को जांच के दायरे में लिया था, लेकिन कुछ हासिल नहीं हुआ। आखिरकार मामले की फाइल बंद कर दी गई।



बलवंता कांड भी चुनौती



नसीराबाद रोड पर बलवंता गांव में 31 मई 06 को हथियारबंद लोगों ने नंदा गुर्जर के परिवार पर हमला कर नंदा गुर्जर सहित चार लोगों की हत्या और तीन लोगों को गंभीर रूप से घायल कर दिया था। गुर्जर समाज ने आंदोलन किया। राज्यभर के पुलिस अधिकारियों की टीम को जांच का जिम्मा सौंपा गया लेकिन नतीजा शून्य रहा। पुलिस ने अदम सबूत एफआर लगा दी।



इनका भी नहीं सुराग



दो साल पहले मांगलियावास थाना इलाके में मिली युवती की लाश, गेगल इलाके में कुचली हालत में मिली युवक की लाश, तारागढ़ पहाड़ी पर मिला महिला का कंकाल। इन मामलों में भी पुलिस को कोई सुराग नहीं मिल पाया।

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