नवविवाहित जोड़े की पेशी
अजमेर. नगर निगम में शादी के रजिस्ट्रेशन प्रकरण में शिकायत होने पर एक नव विवाहित जोड़े को मेयर धर्मेंद्र गहलोत के सामने सफाई देनी पड़ी। युवती ने अपनी मर्जी से शादी होने की जानकारी दी तब मामला निबट पाया। हालांकि पेश किए गए कागजात में तथ्यों मे अंतर होने के कारण रजिस्ट्रेशन फिलहाल रोक दिया गया।
दादाबाड़ी विनय नगर निवासी जहूर बख्श के 24 वर्षीय पुत्र अकरम खान ने 3 नवंबर 2009 को पिलानी निवासी घीसाराम की पुत्री सोनू वर्मा से निकाह किया था। निकाह के बाद लड़की ने अपना नाम बदलकर शमा रख लिया। लड़की ने दसवीं कक्षा प्रथम श्रेणी से पास की है।
अकरम ने अपनी शादी का रजिस्ट्रेशन कराने के लिए निगम में आवेदन किया था। इसी बीच निगम के मेयर धर्मेद्र गहलोत को शिवसेना के कंचनपाल सिंह चौहान ने शिकायत की कि लड़की को बहला— फुसलाकर जबरन शादी की गई है। मेयर गहलोत ने सचिव नारायण लाल मीणा को निर्देश दिए कि शादी का रजिस्ट्रेशन करने से पूर्व पुलिस की उपस्थिति में यह सुनिश्चित किया जाए कि लड़की पर किसी तरह का दबाव नहीं है।
उसके बाद ही शादी का रजिस्ट्रेशन किया जाए। सचिव मीणा ने नियमों का अवलोकन किया, लेकिन पुलिस की उपस्थिति में वैरीफिकेशन कराने की बात का कहीं उल्लेख नहीं था। ऐसे में नवविवाहित जोड़े को अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया गया।
मेयर धर्मेद्र गहलोत और आयुक्त जगदीश चौधरी के समक्ष लड़की ने कहा कि उसने अपनी मर्जी से शादी की है। शिकायत झूठी होने पर मेयर गहलोत ने नव विवाहित जोड़े को बाहर भेज दिया। इसके बाद निगम ने रजिस्ट्रेशन की कार्यवाही शुरू कर दी।










