प्रदेश व देश के लिए सोचें
इंदौर. आज हमें जाति और समाज के बंधनों से अलग होकर प्रदेश और देश के विकास के लिए सोचना होगा। लड़ाई लड़ना ही है तो जाति या समाज की नहीं, विकास और प्रगति की लड़ाई लड़ें। इसी विचारधारा को हमें गांव-गांव में ले जाना होगा।
यह बातें केंद्रीय वाणिज्य राज्यमंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने शुक्रवार को राजपूत समाज की प्रतिभाओं के सम्मान समारोह में कही। आनंद मोहन माथुर सभागृह में अ.भा. क्षत्रिय महासभा द्वारा आयोजित समारोह में श्री सिंधिया ने कहा विभिन्न क्षेत्र में उल्लेखनीय काम करने वाली समाज की जिन प्रतिभाओं का सम्मान हुआ है उन्होंने समाज से कुछ लिया नहीं, दिया ही है। यही सोच सभी को विकसित करना होगी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष महेंद्रसिंह कालूखेड़ा ने कहा दहेज व मृत्यु भोज जैसी प्रथाओं को कम किया जाए। कार्यक्रम को विधायक गोविंद राजपूत व महासभा के अध्यक्ष विजयसिंह परिहार ने भी संबोधित किया। इस मौके पर महासभा के प्रांतीय उपाध्यक्ष व कार्यक्रम संयोजक अजय सेंगर, विधायकद्वय तुलसी सिलावट व सत्यनारायण पटेल, पूर्व विधायक अंतरसिंह दरबार, उषा ठाकुर, रघु परमार, दीपक राजपूत आदि मौजूद थे।
इन लोगों का किया सम्मान
पूर्व कलेक्टर नारायणसिंह, लिम्का बुक में दो बार नाम दर्ज करवा चुके मदनसिंह चौहान, स्वतंत्रता सेनानी नरेंद्रसिंह तोमर, चैनसिंह सोलंकी, साहित्यकार रामसिंह शेखावत, पूर्व जस्टिस शंभूसिंह, पुलिस अधिकारी जितेंद्रसिंह चौहान, पत्रकार भुवनेशसिंह सेंगर, चंदा सिसौदिया, सुनीता सिंह, उद्योगपति रामप्रतापसिंह गौतम, डॉ. गजेंद्रसिंह तोमर, डॉ. संग्रामसिंह, वीरपालसिंह भदौरिया, मंगलसिंह राजपूत, नरेंद्रसिंह, करणसिंह शेखावत, देवेंद्र बुंदेला, समंदरसिंह चौहान, योगेंद्रसिंह चौहान, सुनील ठाकुर, डॉ. नमिता सिसौदिया, सारिका सिंह, मास्टर जयंत चौहान, ठा. छतरसिंह गौर, ठा. ब्रजलालसिंह सोलंकी, ठा. प्रेमसिंह चौहान, बाबूसिंह, हीरासिंह, कोमलसिंह राठौर, ब्रजरामसिंह परिहार समेत अन्य सम्मानित।
चीन ने गड़बड़ की तो कारोबारी समझौता मंजूर नहीं
चीन के साथ हमारा कारोबारी समझौता जरूर है, लेकिन यदि वह हमारे देश के खिलाफ मुहिम चलाएगा तो ऐसा समझौता हम कभी मंजूर नहीं करेंगे। यह बात केंद्रीय उद्योग राज्यमंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने शुक्रवार को इंदौर प्रेस क्लब में प्रेस से मिलिए कार्यक्रम में कही।
कब मिलेगा अमृत
श्री सिंधिया से जब राज्य सरकार के ‘मंथन’ कार्यक्रम के संबंध में पूछा गया तो वे बोले इस मंथन से ‘अमृत’ कब निकलेगा यह पता नहीं। हर राज्य विकास कर रहा है, लेकिन मध्यप्रदेश में सिर्फ ग्लोबल समिट ही चल रही है।
राज्य सरकार नहीं दे रही जमीन
श्री सिंधिया का कहना था दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के तहत आने वाले छह राज्यों का हमने चयन किया है। मप्र में पीथमपुर, महू, धार, नीमच, नया गांव, शाजापुर, नागदा, रतलाम को कॉरिडोर बनाने या इंडस्ट्रियल रीजन बनाने के लिए राज्य सरकार से जमीन मांगी गई पर उपलब्ध नहीं करा सकी है।










