मिति मार्गशीर्ष कृष्ण पंचमी, संवत् 2066, शाके 1931, रवि दक्षिणायने, हेमंत ऋतु, हिजरी सन् 1430, 7 नव
तिथि संवत-मिति मार्गशीर्ष कृष्ण पंचमी, संवत् 2066, शाके 1931, रवि दक्षिणायने, हेमंत ऋतु, हिजरी सन् 1430, 7 नवंबर, शनिवार।
सूर्योदय कालीन नक्षत्र
आद्र्रा नक्षत्र दोपहर 12.49 तक पश्चात पुनर्वसु, सिद्ध योग तथा तैतिल करण। (भारतीय समयानुसार)
ग्रह विचार
सूर्य, बुध व शुक्र- तुला, गुरु, राहु-मकर, मंगल, केतु- कर्क, शनि- कन्या तथा चंद्रमा मिथुन राशि में।
शुभाशुभ ज्ञानम़्
पंचमी दोपहर 2.39 तक, मिथुन राशि का चंद्रमा दूसरे दिन प्रात: 5.42 तक, शनिवार के दिन स्थिर कार्य की शुरुआत करें। नई मशीनरी की खरीदी हेतु शुभ दिन। कानूनी तथा आर्थिक समस्या के निराकरण हेतु भगवान गणोशजी की आराधना विशेष फलदायी।
शुभ अंक- 8 रंग- केसरिया
खरीदारी हेतु श्रेष्ठ समय
दोपहर 1 से 3 तक।
राहुकाल
प्रात: 9.22 से 10.46 तक।
दिशाशूल
पूर्व, यदि आवश्यक हो तो उड़द का सेवन कर यात्रा करें।
चौघड़िया मुहूर्त
प्रात: 7.58 से 9.22 तक शुभ, दोप. 12.10 से 1.34 तक चंचल, दोप. 1.34 से 2.58 तक लाभ, दोप. 2.58 से 4.22 तक अमृत, सायं 5.46 से 7.22 तक लाभ, रात्रि 8.58 से 10.34 तक शुभ
आज जन्मे बच्चें का नाम व राशि
समय नक्षत्र चरण पाया राशि जन्माक्षर
प्रात: 7.11 तक आद्र्रा 3 चांदी मिथुन ड
दोप. 12.49 तक आद्र्रा 4 चांदी मिथुन छ
सायं 6.26 तक पुनर्वसु 1 चांदी मिथुन के
रात्रि 12.04 तक पुनर्वसु 2 चांदी मिथुन को
प्रात: 5.42 तक पुनर्वसु 3 चांदी मिथुन हा










