सातवीं की छात्रा पर तेजाब फेंका
गोहाना. गांधीनगर निवासी एक 14 वर्षीय लड़के ने शुक्रवार दोपहर उसी के पड़ोस में रहने वाली 13 वर्षीय लड़की पर तेजाब फैंक दिया। उस समय लड़की अपने स्कूल से घर वापस लौट रही थी। संयोग से तेजाब लड़की के चेहरे पर न गिरकर कपड़ों पर पड़ा, जिससे उसका चेहरा बच गया, लेकिन शरीर झुलस गया।
पुलिस मामले की जांच कर रही है। गांधी नगर निवासी 13 वर्षीया रविना पुत्री रोहताश पानी अनाजमंडी के राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय की सातवीं कक्षा की छात्रा है। वह शुक्रवार दोपहर अपने स्कूल से लौट रही थी। रास्ते में बरोदा रोड पर स्थित हैफेड के गोदाम के पास उसी के पड़ोसी 14 वर्षीय सज्जन उर्फ मोनू पुत्र सुल्तान सिंह ने रवीना पर तेजाब डाल दिया।
इससे रवीना बुरी तरह से झुलस गई। घटना को अंजाम देने के बाद सज्जन मौके से फरार हो गया। सज्जन द्वारा इस तरह की घटना को अंजाम देने के कारणों का अभी तक खुलासा नहीं हो सका है। रविना को सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पुलिस मामले की जांच कर रही है। पीड़िता रविना के पिता रोहताश के अनुसार उनका आरोपी के परिवार से किसी प्रकार का कोई विवाद भी नहीं था। पुलिस मामले की जांच के अलावा आरोपी युवक की तलाश कर रही है।
कहां से आए ये संस्कार
खादर की संस्कृति और खुद्दारी की दुहाई दूर-दूर तक सुनाई पड़ती है। खास तौर पर इस बात पर कि यहां का भाईचारा दूसरों के लिए प्रेरणा का स्रोत रहा है। अब लगता है दिल्ली की संगत यहां असर दिखा रही है। एक स्कूली छात्रा पर पड़ोसी छात्र ने तेजाब फेंक कर हमारी संस्कृति को शर्मसार किया है।
सब लोग यही कहते हैं कि यह न हमारी तहजीब है और न ही संस्कार। आश्चर्य इस बात का है कि तेजाब फेंकने वाला छात्र 8वीं में पढ़ता है और वह मासूम छात्रा जो तेजाब से झुलसी है सातवीं में पढ़ती है। इस कल्पना मात्र से रुह कांप जाती है कि इस नन्ही जान में तेजाब फेंकने का विचार आया कैसे?
हरियाणा जहां नारी चरित्र की रक्षा के कई उदाहरण हैं वहां यह संस्कृ ति कैसे पहुंची। यह फैसला नादानी भरा तो नहीं कहा जा सकता। इस घटना को हमें संस्कृति में आ रहे बदलाव के रूप में देखना चाहिए। हो सकता है यह घटना टीवी-सिनेमा का देन हो या बदलते रिश्तों का असर।
चिंता का विषय यह घटना नहीं छात्र के मन में आपके विचार है, जिसने तेजाब फेंके कर जाहिर किए। तेरह वर्षीय रवीना इस घटना से आहत है लेकिन छात्र सज्जन का मौके से फरार हो जाना यह साबित करता है कि उसके मन में कुछ तो है।
छात्र के खिलाफ मामला दर्ज हो गया है। वह गिरफ्तार भी हो जाएगा इससे कोई हल नहीं निकलेगा। हमारी कोशिश होनी चाहिए कोई दूसरा सज्जन दुर्जन न बने। हमें सज्जनों को दुर्जन बनने के खिलाफ संकल्प लेना चाहिए ताकि संस्कृति को बचाया जा सके।










