एक क्लिक पर डायवर्शन शुल्क का रिकॉर्ड!
उज्जैन. जिला प्रशासन की पहल रंग लाई तो वह दिन दूर नहीं जब इंदौर की तर्ज पर शहर में भी भूमि डायवर्शन (परिवर्तन) से संबंधित काम कम्प्यूटरीकृत हो जाएंगे। डायवर्शन शुल्क का रिकॉर्ड एक क्लिक पर हाजिर होगा और आम लोगों को जरूरी जानकारियां तुरंत मिल जाएंगी।
फिलहाल प्रदेश में एकमात्र इंदौर में ही डायवर्शन के कार्य कम्प्यूटरीकृत हैं। जिला प्रशासन करीब 30 लाख के इस प्रोजेक्ट को अपनाने की कवायद कर रहा है। इसके लिए शुक्रवार को इंदौर की ओसवाल डाटा कंपनी के बीएस नागौरी को उज्जैन बुलाया गया।
कलेक्टर अजातशत्रु श्रीवास्तव की मौजूदगी में शुक्रवार दोपहर बृहस्पति भवन में डायवर्शन के काम को कम्प्यूटराइज्ड करने के लिए तैयार सॉफ्टवेयर का प्रदर्शन किया गया। एसडीएम नरेंद्र सूर्यवंशी, तहसीलदार अनिल भाना, एसएलआर रंजीत कुमार आदि मौजूद थे।
कलेक्टर अजातशत्रु की पहल
कलेक्टर ने कम्प्यूटरीकरण के लिए एसएलआर रंजीत कुमार को इंदौर भेजा था। उनकी रिपोर्ट के आधार पर श्री नागौरी को शुक्रवार को बुलाया गया और इसका डेमोंस्ट्रेशन कराया गया। योजना का परीक्षण एसडीएम सूर्यवंशी, तहसीलदार भाना और दो आरआई (रैवेन्यू इंस्पेक्टर) करेंगे। इसके बाद ही इसे उज्जैन में लागू किया जाएगा।
राजस्व वसूली में होगा इजाफा
डायवर्शन कार्य का कम्प्यूटरीकरण होने से राजस्व वसूली में इजाफा होगा। इंदौर में कम्प्यूटरीकरण से पहले 1998 में राजस्व वसूली 2.4 करोड़ थी। जो अब बढ़कर 28.9 करोड़ तक पहुंच गई है।
सुविधाएं और फायदे
डायवर्शन के लिए बी-1 नकल, मांग-वसूली और डायवर्शन के खाते कम्प्यूटरीकृत होंगे। बी-1 को वर्तमान में तैयार करने में वर्तमान में 4 से 5 माह का समय लगता है। कम्प्यूटरीकरण से 4-5 दिन लगेंगे। आम लोगों को कलेक्टोरेट के चक्कर नहीं लगाना पड़ेंगे।
योजना में अड़चन
फिलहाल यह योजना शासन स्तर पर नहीं है। इस कारण इसे लागू करने में आने वाली लागत खर्च करीब 30 लाख रुपए और मेंटेनेंस खर्च कैसे वहन किया जा सकेगा, इस पर प्रशासनिक अधिकारियों को विचार करना पड़ेगा।
मप्र शासन अपनाए तो करोड़ों का फायदा
जानकारों का कहना है अगर मप्र शासन इस योजना को प्रदेश के सभी जिलों में अपने स्तर पर लागू कर दे तो इससे करोड़ों रुपए का राजस्व सरकार के खजाने में बढ़ सकता है।
अभी हो रहा है परीक्षण
अभी योजना का परीक्षण हो रहा है। परीक्षण के बाद ही इस पर कोई निर्णय लिया जा सकेगा।
अजातशत्रु श्रीवास्तव, कलेक्टर










