माना एयरपोर्ट बनेगा वल्र्ड क्लास
रायपुर. एक साल के अंदर राज्य के माना हवाई अड्डे की शक्ल बदलने जा रही है। 2010 तक सारी अंतरराष्ट्रीय सुविधाओं से लैस कर हवाई अड्डे में विश्व स्तरीय सुविधाएं जुटाने की योजना है। एयरपोर्ट पर 150 करोड़ रुपए की लागत से इंटिग्रेटेड टर्मिनल भवन, रात्री लैंडिंग की व्यवस्था, वीआईपी लाउंज आदि का काम चल रहा है। एयरपोर्ट अथारिटी ऑफ इंडिया (एएआई) के चेयरमैन वीवी अग्रवाल ने हवाई अड्डे की सुविधाओं को लेकर राज्य के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह से मुलाकात की।
दोनों के बीच एयरपोर्ट के विकास को लेकर बातचीत हुई। राज्य शासन ने एयरपोर्ट की नई बिल्डिंग और रनवे के लिए अतिरिक्त जमीन मुहैया कराने पर सहमति दी है। एयरपोर्ट में सारी सुविधाएं जुटाई जाएंगी, ताकि भविष्य में इसे अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का दर्जा दिए जाने की स्थिति में किसी तरह की परेशानी न हो। श्री अग्रवाल ने बताया कि एयरपोर्ट एथारिटी आफ इंडिया ने आधुनिकीकरण के लिए रायपुर समेत देश के 50 हवाईअड्डों का चयन किया है।
अथारिटी के आग्रह पर मुख्यमंत्री डॉ. सिंह ने रनवे के विकास के लिए दो किलोमीटर की लंबी जमीन देने पर सहमति दे दी है। यह एप्रोचरोड कहलाएगी, जो वर्तमान में वीआईपी रोड की जगह बनेगी। इसके अलावा नई राजधानी से भी एयरपोर्ट जाने वाले मार्ग को विकसित किया जा रहा है। उन्होंने इस मार्ग के चौड़ीकरण और इसके विकास को लेकर भी अफसरों को निर्देश दे दिए।
1000 यात्रियों की आवाजाही : एएआई के मास्टर प्लान के अनुसार एयरपोर्ट पर इमरजेंसी में कभी भी 1000 यात्रियों का आना-जाना संभव हो सकेगा। इमरजेंसी में यहां एयरबस जैसे बड़े आकार के प्लेन लैंड कर सकेंगे। इतना ही नहीं दुनिया के बड़े हवाई अड्डों की तरह यहां रात में भी लैंडिंग की व्यवस्था होगी। कागरे कांप्लेक्स में राज्य शासन के लिए वीआईपी लाउंच और दूसरी सहूलियतें भी विकसित की जा रही हैं।










