करोड़ों वसूलना चाहती थी, गिरफ्तार
नई दिल्ली. आर्थिक कठिनाइयों से जूझ रहे परिवार को संकट से उबारने के लिए एक युवती ने एक निजी फाइनांसर को सीबीआई का डर दिखा कर वसूली की कोशिश की, लेकिन पहले ही वह पकड़ ली गई। युवती फाइनांस में मास्टर डिग्री हासिल के बाद कई नामी कंस्ट्रकशन कंपनियों में असिस्टेंट मैनेजर के पद पर काम कर चुकी है और फिलहाल एमबीए कर रही है।
पूर्वी जिला पुलिस के अतिरिक्त उपायुक्त डॉ. ओपी मिश्रा ने बताया कि श्रेष्ठ विहार में फाइनांस का व्यवसाय करने वाले प्रदीप गुप्ता ने बुधवार को पीसीआर में कॉल कर शिकायत की कि उन्हें एक महिला ने फोन कर सीबीआई के जाल में फंसाने की धमकी दी है और पांच करोड़ रुपए की मांग कर रही है। पुलिस ने जबरिया वसूली का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। गुरुवार को उस महिला ने प्रदीप को दोबारा फोन किया और सौदेबाजी करने लगी। बात १५ लाख रुपए में तय हुई। प्रदीप ने पुलिस को इसकी जानकारी दे दी और तयशुदा जगह पर युवती को बुला लिया।
एसएचओ रमेश कुमार, एसआई विजय कुमार आदि की टीम ने युवती को रंगे हाथों दबोच लिया। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार युवती के पिता एयरफोर्स से रिटायर हैं। उसने तुगलकाबाद स्थित केंद्रीय विद्यालय से १२वीं कक्षा पास करने के बाद भगत सिंह कॉलेज से ग्रेजुएशन किया। इसके बाद उसने अन्नामलाई विश्वविद्यालय से एमए फाइनांस किया। वह दिल्ली और एनसीआर की कई नामी कंस्ट्रक्शन कंपनियों में असिस्टेंट मैनेजर के पद पर काम कर चुकी है। युवती के माता-पिता लंबे समय से बीमार चल रहे हैं और बहन की किडनी खराब होने के कारण वह डायलिसिस पर है।
बीमारी और आर्थिक तंगी से जूझ रहे परिवार को चलाने की जिम्मेदारी युवती पर ही है। परिवार की इन जरूरतों को पूरा करने लायक आमदनी का कोई दूसरा स्रोत ढूंढने में नाकाम रही युवती ने इंटरनेट से कुछ फाइनांसरों की जानकारी निकाली और प्रदीप को शिकार के रूप में चुना।
उसने फोन के जरिए उनसे संपर्क कर खुद को एक बड़े नेता की बहू बताया और कहा कि फाइनांस करने के बदले लोगों की प्रॉपर्टी के कागज रखते हो और उनका दुरुपयोग करते हो। पांच करोड़ की मांग करते हुए उसने प्रदीप को सीबीआई व इनकम टैक्स से रेड कराने की धमकी दे डाली। युवती को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इसमें उसके साथ कोई और भी शामिल तो नहीं है।










