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Saturday, November 07, 2009 06:29 [IST]  

danik bhaskarगुजर-बसर भी दूभर

Bhaskar News

panipatपानीपत. बेलगाम होती महंगाई ने हाउस वाइफ से लेकर आफिस गोइंग तक को दुविधा में डाल दिया है। बढ़ती महंगाई के चलते लोगों को घर संभालने के साथ ऑफिस पहुंचना तक भारी हो गया है। लगातार बढ़ती महंगाई के चलते अर्थशास्त्रियों के मंत्र फेल होते नजर आ रहे हैं।



खाद्यान से लेकर डेली यूज की जरुरतमंद चीजों के भावों पर नजर डाली जाए तो उनमें 20-25 प्रतिशत तक इजाफा हुआ है। ऐसे में सामान्य आय वाले लोगों का गुजर-बसर कैसे होगा? यह सोचकर वे स्वयं दुविधा में हैं। लोग बचत करना भूल कर बुनियादा जरूरतें भी पूरी नहीं कर पा रहे हैं।



वॉशिंग पाउडर ने धोया



वॉशिंग पाउडर के रेट ने गत वर्ष की अपेक्षा इस बार अधिक धोया है। वॉशिंग पाउडर का दाम बढ़ा है, इसका वजन भी पहले की अपेक्षा कम कर दिया गया। असंध रोड स्थित कृष्णा प्रोविजनल स्टोर के संचालक हरबंस लाल बठला ने कहा कि प्रतिष्ठित कंपनी का वॉशिंग पाउडर गत वर्ष 50 रुपए प्रति किलो मिलता था। इस वर्ष इसके दाम 70 रुपए प्रति 900 ग्राम हो गया। एक बार तो ग्राहक खुश होकर ले लेता है, लेकिन पैसे देते समय इसको निकलवा देता है।



जितना खाना, उतना ही बनाना



महंगाई के साथ रसोई बेकाबू हो गई है। ऐसे में जितना खाना होता है, उतना ही बनाया जाता है। दो बच्चों सहित परिवार को गुजार करना मुश्किल हो गया है। महंगाई ने जीवनशैली बदल दी है। - सीमा गुगनानी, गृहिणी, मॉडल टाउन



खर्च में ही कटौती



महंगाई बढ़ने से इनकम कम हुई है। पर्याप्त इनकम न होने से उसी राशि में काम चलाने के लिए खर्चों में कटौती करनी पड़ती है। गाड़ी जरूरत पर ही ले जाते हैं। अतिरिक्त खर्च कम किए हैं। - अश्विनी शर्मा, उप प्रधान डीपीएस पानीपत सिटी पेरेंट्स एसोसिएशन पानीपत



एक्स्ट्रा सोर्स तलाशना जरूरी



महंगाई का हर वर्ग पर असर पड़ा है। बच्चों की स्कूल फीस से लेकर पेट्रोल तक के दाम बढ़ गए। सर्विस क्लास को काफी दिक्कत हो रही है। इनकम के एक्सट्रा सॉर्स तलाशने शुरू कर दिए हैं। - रश्मि ग्रोवर, निदेशक एप्टेक कम्प्यूटर एजुकेशन लालबत्ती चौक, जीटी रोड



स्टॉक करना भी खतरनाक



जनसंख्या के अनुरूप खाद्यान्न का उत्पादन नहीं हो रहा। सोर्स होने के बाद भी महंगाई का सामना करना पड़ रहा। महंगाई बढ़ने में सबसे बड़ा हाथ चीजों का स्टोर करने वालों का है। सरकार को इसके प्रति कदम उठाना चाहिए। - शशि चड्ढा, महासचिव, हरियाणा चेंबर आफ कामर्स



बजट गड़बड़ाया



गत वर्ष की अपेक्षा महंगाई अधिक होने से रसोई सहित पूरे परिवार का बजट गड़बड़ा गया है। रसोई को चलाने के लिए स्वयं के खर्चे कम करने पड़ रहे हैं। व्यर्थ गाड़ी चलाना और शॉपिंग करना बंद कर दिया है। - शिल्प परुथी, गृहिणी, मॉडल टाउन



महंगाई ने किया जीना दुश्वार



छठे वेतन आयोग में बढ़ा वेतन महंगाई के सामने बौना साबित हो गया है। परिवार चलाने के लिए नौकरी के साथ खेती और अन्य साधनों की तरफ ध्यान देना पड़ रहा है। महंगाई ने आम आदमी का जीना दुश्वार कर दिया है। - सतीश पंवार, परिचालक, हरियाणा रोडवेज

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