केलो का पानी बचाने घेराव
रायगढ़. केलो नदी से जल आबंटन रोकने के लिए शुक्रवार को केलो संघर्ष मोर्चा ने निको कोलमाइंस के आफिस में नदी का पानी बहाया, और एरिगेशन कार्यालय का घेराव किया।
करीब 30 से 40 वाहनों के साथ केलो संघर्ष मोर्चा के सैकड़ों सदस्यों ने शुक्रवार को केलो नदी से पानी के आबंटन को रोकने की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान सबसे पहले ग्रामीणों सहित जनप्रतिनिधि गजानंदपुरम स्थित मे. जायसवाल निको इंड्रस्ट्री लिमिटेड के आफिस जा पहुंचे। जहां सदस्यों ने बड़ी-बड़ी बोतलों से नदी का गंदा पानी आफिस में बिखेर विरोध जताया। करीब दो घंटों तक इस प्रदर्शन में निको माइंस के खिलाफ नारे बाजी की।
इसके बाद प्रदर्शनकारियों का यह दल पीएचई विभाग के दरवाजे चहुंचा। जहां करीब 2 घंटों तक आला अधिकरियों की अनुपस्थिति में प्रदर्शनकरी विभाग के मेन गेट के सामने ही बने रहे। इसके साथ ही विभागीय अधिकरियों द्वारा केलो नदी से पानी न दिए जाने के लिखित आदेश देने की बात कर रहे प्रदर्शनकारी करीब 3 घंटों तक डंटे रहे।
जिसके बाद जल संसाधन के अधीक्षण अभियंता एके दुबे से हुई प्रदर्शकारियों की चर्चा के बाद श्री दुबे ने फिर एक बार जांच करने के लिए मुख्य अभियंता के नाम लिखित आदेश दिए। इसके बाद ही प्रदर्शनकारी वापस लौटे और स्थिति सामान्य हो सकी। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया है कि मेसर्स जायसवाल निको इण्डस्ट्रीज लिमिटेड के लिए केलो नदी से जीवरी के पास निको जायसवाल ग्रुप को 10 मिलीयन घन मीटर पानी दिए जाने के लिए एरिगेशन विभाग से छग शासन को पत्र दिया गया है।
वहीं उद्योग पर आरोप है कि बेंदरा नाला से अपशिष्ट पदार्थ व गंदा पानी छोड़ा जा रहा है। जिससे केलो नदी का पानी गंदा हो रहा है। इसकी शिकायत पूर्व में जिला प्रशासन को इसकी शिकायत की जा चुकी है। इसके चलते ग्रामीणों को निस्तारी-नहाने से लेकर पीने तक दूषित पानी मिल रहा है।
जीवनदायनी केलो नदी के रक्षा के लिए विरोध कर यह कदम उठाए जारहे हैं। जिसमें जल संसाधन विभाग का सहयोग अनिवार्य है। विरोध प्रदर्शन करने वालों का यह भी आरोप है कि नदी के पानी को गंदा करने के लिए एरिगेशन व निको ग्रुप जिम्मेदार हैं। वहीं विभागीय अधिकारियों की मानें तो इस संबंध में कार्यालय का पत्र क्रमांक 2872/कार्य पी.पी-94/21 अक्टूबर संदर्भित पत्र के अनुक्रम में लेख है, कि शुक्रवार 6 नवंबर को केलो समाज सेवी संस्था के सदस्यों ने कार्यपालन अभियंता, जल संसाधन संभाग के कार्यालय में आकर उनसे विषयांकित प्रकरण पर चर्चा करना चाही। जिसके बाद अधोहस्ताक्षरक र्ता के कार्यालय में आए। चर्चा के दौरान उनके द्वारा मांग रखी गई की केलो नदी का जल रायगढ़ वासियों के निस्तारी आदि के लिए है। इसलिए केलो नदी से किसी औद्योगिक संस्थान को जल आबंटन न किया जाए।










