‘सुरक्षा में ढील बर्दाश्त नहीं’
बिलासपुर. दौरे पर पहुंची 4 सदस्यीय सेफ्टी कमेटी ने एसईसीआर के अधिकारियों की 1 घंटे क्लास ली और दो टूक कहा कि सुरक्षा में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इतना ही नहीं, अधिकारियों को दिन के बजाय रात में दौरा करने और महीने में 7 दिन फील्ड पर कैंप करने के भी निर्देश दिए।
मथुरा स्टेशन में हुई ट्रेन दुर्घटना ने रेल मंत्रालय को हिलाकर रख दिया है। अब बोर्ड के सेफ्टी सदस्य देश भर का भ्रमण कर सुरक्षा इंतजाम की नब्ज टटोल रहे हैं। इसी क्रम में सेफ्टी कमेटी के सदस्य आईके शर्मा (एडवाइजर इलेक्ट्रीकल जनरल) केके अटल (एडवाइजर इलेक्ट्रीकल ट्रैक्शन) आरके गोयल (ईडी सिग्नल एंड डेव्लपमेंट) एसके दास (ईडीटीटी/ एसएफ) ने शुक्रवार को एसईसीआर का दौरा किया। गुरुवार की शाम स्पेशल ट्रेन से बिलासपुर पहुंची टीम ने निरीक्षण के अलावा दोपहर 2 बजे से 3 बजे तक जोन के अधिकारियों की बैठक भी ली।
4 सदस्यीय कमेटी के दौरे और बैठक के संदर्भ में रेल प्रशासन ने पुष्ट जानकारी नहीं दी है। सूत्रों के अनुसार कमेटी ने एसईसीआर की सुरक्षा प्रणाली पर संतोष जाहिर किया है, लेकिन अधिकारियों की संजीदगी पर सवाल खड़े किए। बताया जाता है कि कमेटी ने अधिकारियों को रेलमंत्री द्वारा जारी पत्र का हवाला देते हुए दिन में दौरे की प्रवृत्ति बदलने की हिदायत दी है।
कमेटी ने अधिकारियों को सतत् निरीक्षण के निर्देश देते हुए महीने में कम से कम 7 दिन फील्ड पर रहने और रात में दौरा करने संबंधी मंत्रालय के निर्देशों की याद दिलाई। बैठक में अधिकारियों को मथुरा में हुई दुर्घटना के कारणों की जानकारी दी गई और पुनरावृत्ति न हो इसके लिए कड़े कदम उठाने पर जोर दिया गया। खबर है कि कमेटी ने सुरक्षा प्रणाली में कुछ बदलाव के भी निर्देश दिए हैं, लेकिन इसकी पुष्ट जानकारी नहीं मिल सकी है। बहरहाल निरीक्षण और मीटिंग के बाद सेफ्टी कमेटी इंटरसिटी एक्सप्रेस से लौट गई।
हर जगह पहुंची कमेटी
सेफ्टी कमेटी ने सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण माने जाने वाले आरआरआई केबिन, यार्ड से लेकर कोचिंग काम्प्लेक्स और ड्राइवर ट्रेनिंग सेंटर तक का निरीक्षण किया। कमेटी सुबह 10 बजे के करीब कोचिंग काम्प्लेक्स पहुंची। सदस्यों ने बोगियों के सुधार के लिए अपनाई जा रही तकनीक का मुआयना किया, फिर स्टेशन के पास आरआरआई केबिन पहुंचे।
यहां सिग्नल और ट्रेनों की कंट्रोलिंग प्रणाली की बारीकी से जांच की गई। इसके बाद टीम मल्टी डिसीप्लेन स्कूल और उसलापुर स्थित ड्राइवर ट्रेनिंग स्कूल पहुंची। दोनों जगहों पर प्रशिक्षार्थियों को दी जाने वाली सुविधाओं की खबर ली गई। टीम सल्कारोड तक गई। कमेटी ने तमाम व्यवस्थाओं पर संतोष जताते हुए आंशिक बदलाव के भी निर्देश दिए हैं।










