बिल्हा तहसीलदार घूस लेते गिरफ्तार
बिलासपुर. बिल्हा तहसीलदार बीपी गुप्ता को एंटी करप्शन ब्यूरो ने शुक्रवार को एक व्यवसायी से घूस लेते रंगे हाथों पकड़ा। जमीन के नामांतरण के लिए तहसीलदार ने 50 हजार रुपए की मांग की थी। इसमें एडवांस के तौर पर 10 हजार रुपए देने के लिए व्यवसायी तहसीलदार के पास पहुंचा था। एसीबी ने तहसीलदार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
एंटी करप्शन ब्यूरो के डीएसपी अनिल पाठक ने बताया कि टिकरापारा निवासी स्व. लीलाधर ने अपनी पौत्र बधु भावल कक्कड़ के नाम से पेंड्रीहीह के एक जमीन की वसीयत की थी। उनके बेटे जमुनादास कक्कड़ ने इस जमीन को अपनी बहू के नाम से नामांतरण कराने के लिए जब बिल्हा के तहसीलदार बीपी गुप्ता से संपर्क किया तो तहसीलदार ने उनसे इसके एवज में एक लाख रुपए की मांग की, लेकिन बाद में वे 50 हजार रुपए में नामांतरण करने के लिए राजी हो गए।
श्री कक्कड़ ने इसकी जानकारी एंटी करप्शन ब्यूरो को दी। ब्यूरो ने तहसीलदार को रंगे हाथों पकड़ने की योजना बनाई। श्री कक्कड़ को शुक्रवार को सौदे के अनुसार उक्त तहसीलदार को एडवांस के रूप में 10 हजार रुपए देने थे। ब्यूरो के अधिकारियों ने उन्हें पाउडर लगे हुए नोट दिए और तहसीलदार के पास भेज दिया। तहसीलदार गुप्ता दोपहर में अपने दफ्तर में बैठे थे।
उन्होंने कक्कड़ के हाथ से रकम लेकर अपने बैग में डाल दिया। इधर इशारा मिलते ही एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम अंदर पहुंची और तहसीलदार बीपी गुप्ता के बैग में रखी रकम जब्त कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। श्री गुप्ता के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है। तहसीलदार ने जमानत के लिए कोर्ट में अर्जी लगाई, लेकिन कोर्ट की कार्य अवधि खत्म हो जाने के कारण जमानत नहीं मिली और उसे जेल भेज दिया गया। उल्लेखनीय है कि तहसीलदार गुप्ता के खिलाफ लंबे समय से शिकायत मिल रही थी।










