दुधारू पशुओं की आंतों में कीड़े बढ़े
हिसार. दुधारू पशुओं में कीड़े की समस्या बढ़ रही है। पशुपालन विभाग के आंकड़ों के अनुसार पिछले पांच महीनों में लैब की टेस्ट में आंतों के कीड़ों से जुड़े मामले ज्यादा देखे गए।
अप्रैल माह से अगस्त माह तक पशुपालन विभाग के डिस्ट्रिक लैब में गोबर के कुल 332 टेस्ट किए गए।
जिनमें से 125 पॉजीटीव मामले आंतों के कीड़े के मिले, जो बाकी के पॉजीटिव मामलों से कहीं ज्यादा हैं। इसके अलावा हीमोग्लोबीन यूरिया के मामले भी सामने आए। टेस्ट के लिए आए यूरीन के 70 मामलो में 13 पॉजीटिव मामले हिमोग्लोबीन यूरिया के पाए गए। यह ऐसी बीमारी है जो ठंडक के मौसम में पशुओं के लिए और खतरनाक होती है।
ठंड में खतरनाक हो जाते हैं कीड़े
उपनिदेशक पशुपालन डॉ. एमएल वलीचा ने बताया कि ठंड के मौसम में पशुओं के बच्चों को तो कृमिरहित करा देना चाहिए। इस मौसम में पेट में कीड़ा होना काफी खतरनाक होता है। उन्होंने बताया कि हीमोग्लोबिन यूरिया, भोजन में फास्फोरस खनिज की कमी के कारण होती है। ठंड में यह बीमारी और खतरनाक हो जाती है। इस मौसम में पशुओं को संतुलित और खनिजयुक्त भोजन दें और गोभी के पत्ते तो बिल्कुल न खाने दें।
यह रोग आए सामने
पशुपालन विभाग के डिस्ट्रिक्ट लैब में पशुओं से जुड़े जो टेस्ट आए हैं उनमें लीवर फ्लू, आंतों में कीड़े बबेशिया, थिलेरिया, सर्रा, ब्रूसाला और यूरिया हीमोग्लोबिन से जुड़े मामले सामने आए हैं। लैब की रिपोर्ट के अनुसार ब्लड के 80 टेस्ट किए गए जिनमें 23 पॉजीटीव पाए गए।
इनमें 9 मामले बबेशिया के, 13 मामले थिलेरिया और एक मामला सर्रा का सामने आया है। बबेशिया और थिलेरिया चिचड़ों के कारण होते हैं जबकि सर्रा टैबनस मक्खी के काटने से होता है। गोबर के 332 टेस्ट किए गए जिनमें से 135 पॉजीटिव पाए गए।
इनमें से 125 मामलों में आंतों में कीड़े की समस्या, 6 में लीवर फ्लू की समस्या और 4 में रियुमरल फ्लू की समस्या सामने आई। पेट में कीड़े की समस्या पशुओं के बच्चों में ज्यादा देखी गई। ब्रुसाला टेस्टिंग के 669 मामलों में से केवल 8 पॉजीटीव पाए गए। इस बीमारी से भैंसों का अर्बाशन हो जाता है। इससे बचने का तरीका केवल कृत्रिम गर्भाधान है।
रखें सावधानी
उपनिदेशक पशुपालन ने बताया कि ठंड में पशुओं के बच्चों को निमोनिया होने का खतरा रहता है। गलघोंटू की संभावना भी बढ़ जाती है। ऐसे में पशुओं को गिले फर्श और सीधी हवा से बचाना चाहिए। गलघोंटू का टीका सभी सरकारी पशु चिकित्सालयों पर निशुल्क उपलब्ध रहता है। नवंबर-दिसंबर के महीनें में टीकाकरण जरूर करा लें।










