..हो गई बल्ले-बल्ले
सागर. नगर निगम के विशेष सम्मेलन में कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले हो गई। नियमित कर्मचारियों को छठवां वेतनमान और दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को विशेष भत्ता देने का सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया। क्षमा याचना के साथ सदस्यों की विदाई हुई।
निगम अध्यक्ष प्रदीप पाठक की उपस्थिति में सम्मेलन हुआ। इसमें नियमित कर्मचारियों को नवंबर और दिसंबर 09 से छठवें वेतनमान का लाभ एवं दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को विशेष भत्ता देने के प्रस्ताव की पुष्टि की गई। सदस्यों ने मेजें थप-थपाकर प्रस्ताव की पुष्टि की।
संपत्ति कर से होगी भरपाई - महापौर प्रदीप लारिया ने कहा कि छठवां वेतनमान और विशेष भत्ता देने से निगम पर अतिरिक्त खर्च आएगा। इसकी भरपाई संपत्ति कर में वृद्धि करके होगी। जहां तक शहर विकास का सवाल है पांच साल में जो काम हुए हैं वे पिछले 20 साल में नहीं कराए गए। 22 करोड़ 33 लाख की झील संरक्षण योजना, 122 करोड़ की यूआईडीएसएसएमटी योजना और 77 करोड़ की आईएचएसडीपी योजनाएं स्वीकृत हो चुकी हैं। उनका क्रियान्वयन नई परिषद में होगा इसका जनता को निश्चित रूप से लाभ मिलेगा।
कर्मचारियों का हित सर्वोपरि- शहर विकास के साथ-साथ कर्मचारियों के हितों का भी ध्यान रखा गया, समय पर वेतन, पेंशन, जीपीएफ जैसे मामले निपटाए गए। पूर्व में कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति पर 5 हजार रुपए दिए जाते थे। अब सवा लाख रुपए दिए जाने लगे हैं।
288 दैवेभो को लाभ मिलेगा- सम्मेलन में बताया गया कि विशेष भत्ते से 288 दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को लाभ मिलेगा। इन्हें 10 साल और 20 साल की नौकरी पूरी करने पर क्रमश: 500 और 1000 रुपए विशेष भत्ते के रूप में दिए जाएंगे। शेष 175 कर्मचारियों को विशेष भत्ते का लाभ देने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा जाएगा।
सीटें खाली रहीं- विशेष सम्मेलन के शुरुआत में सदस्यों की अधिकांश सीटें खाली थीं। जिससे कार्रवाई दोपहर 12 बजे के बजाए 15 मिनट देरी से शुरू हुई। सदन में 48 में से 30 सदस्य उपस्थित थे।
मस्टर में भर्ती और रिटायरमेंट- दयानंद वार्ड के पार्षद मुन्ना चौबे ने मस्टर कर्मचारी हल्के पटेल को उपस्थित किया। उसकी नियुक्ति 25 साल पहले मस्टर पर हुई थी और रिटायरमेंट भी मस्टर कर्मचारी के रूप में हो गया। उनका कहना था कि ऐसे कई कर्मचारी हैं जो मस्टर और दैनिक वेतन पर काम करते-करते ओवर एज हो गए हैं उन्हें नियमित नहीं किया गया। परिषद और शासन को नियमितीकरण की स्पष्ट नीति बनाना चाहिए।
चर्चा में इन सदस्यों ने भाग लिया- नेता प्रतिपक्ष प्रभु दयाल बिल्थरिया, रामनाथ यादव, डॉ. लक्ष्मी ठाकुर, नरेश यादव, भगवानदास घोषी, अशोक मास्टर, राजेश केशरवानी आदि ने चर्चा में भाग लिया।










