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Saturday, November 07, 2009 07:56 [IST]  

danik bhaskarराष्ट्रीय फुटबाल स्पर्धा : पंजाब और मणिपुर की फतह

भास्कर न्यूज

सागर. पंजाब के लड़कों और मणिपुर की लड़कियों ने शानदार खेल का मुजाहिरा करते हुए शुक्रवार को 55वीं राष्ट्रीय शालेय फुटबाल प्रतियोगिता अपने नाम कर ली। प्रतियोगिता इंद्रधनुषी रंगों से सजे पीटीसी ग्राउंड पर मार्च पास्ट, आकर्षक नृत्य तथा गीत के बीच विजेता, उपविजेता और तीसरे स्थान पर आई टीम को पुरस्कार वितरण के साथ संपन्न हुई।



मुख्य अतिथि देवरी विधायक भानू राणा ने कहा कि खेल भावना के साथ किए गए प्रदर्शन को सभी सराहते हैं। शहर में छह दिन तक चली इस स्पर्धा में अधिकतर खिलाड़ियों ने इसी भावना के साथ फुटबाल खेली है। उन्होंने खिलाड़ियों से प्रदेश एवं देश का नाम रोशन करने का आह्वान किया। लोक शिक्षण आयुक्त बीआर नायडू ने एक बार फिर सागर से अपने आत्मीय रिश्ते को याद करते हुए प्रतियोगिता के आयोजकों को साधुवाद दिया।



कार्यक्रम की अध्यक्षता विधायक शैलेंद्र जैन ने की। कार्यक्रम को लोक शिक्षण संचालक अवध किशोर मिश्र, स्कूल गेम्स फेडरेशन आफ इंडिया के कोषाध्यक्ष राजेश मिश्र, आब्जर्वर प्रेम पुरी डीईओ आरएन शुक्ला, स्पर्धा प्रभारी डॉ. महेंद्र प्रताप तिवारी ने भी संबोधितकिया। अंत में कोच और खिलाड़ियों को स्मृति चिन्ह दिए। सुबह कजलीवन मैदान पर बालक वर्ग का फाइनल पंजाब और दिल्ली के बीच खेला गया।



दोनों टीमों के बीच मुकाबला जोरदार रहा, लेकिन निर्धारित समय तक वे एक दूसरे पर गोल दागने में सफल नहीं हुए तो विजेता का फैसला करने के लिए पेनाल्टी शूट आउट का सहारा लिया गया। जिसमें पंजाब ने दिल्ली को 3-1 गोल हराकर अंडर-19 स्कूली फुटबाल में अपनी श्रेष्ठता साबित की। बालिका वर्ग का फाइनल मैच खेल परिसर मैदान पर मणिपुर और तमिलनाडु के बीच एक तरफा रहा।



इसमें मणिपुर ने प्रतिद्वंदी को 4-0 गोल से पीटकर खिताब अपनी झोली में डाल लिया। मणिपुर ने तमिलनाडु को गोल करने का एक बार भी मौका नहीं दिया। अपनी टीम पर लगातार गोल होते देख तमिलनाडु टीम के कोच टीएच अहमदुल्ला द्वारा खेल निर्धारित समय से 15 मिनट पहले समाप्त करा दिया। मैच में मणिपुर की एस तेजीबाला ने 36वें मिनट में पहला, 64वें मिनट में तीसरा, एल माधवी देवी ने 37वें मिनट में दूसरा और उमापति देवी ने 71वें मिनट में चौथा गोल किया।



तीसरे स्थान के लिए बालक वर्ग में एमआरसी मैदान पर उत्तराखंड और केरल की टीमें आमने-सामने थीं। पूरे समय तक दोनों टीमें एक दूसरे पर गोल नहीं कर सकीं। पेनाल्टी शूट आउट में भी दोनों 4-4 गोल से बराबर पर थी। तब फैसला सडन डेथ से हुआ। इसमें उत्तराखंड 1 गोल से जीत गया। बालिका वर्ग में तीसरे स्थान के लिए डीएनसीबी मैदान पर बिहार और महाराष्ट्र की टीमें भिड़ीं। यह मैच भी 3-3 गोल की बराबरी पर छूटा, लेकिन पेनाल्टी शूट आउट में बिहार ने मैच 8-6 गोल से जीत लिया।



सर्वाधिक गोल



प्रतियोगिता में सर्वाधिक गोल मध्यप्रदेश के एरिक कुजूर और दिल्ली के राम निवास ने किए। दोनों ने प्रतिद्वंदी टीमों पर 9-9 गोल दागे। बालिका वर्ग की विजेता टीम मणिपुर की खिलाड़ी एस तेजीबाला देवी ने सबसे अधिक 8 गोल किए हैं। मणिपुर की ओ. रोशनी देवी सर्वश्रेष्ठ गोलकीपर रहीं। इन्होंने पूरी प्रतियोगिता में सिर्फ 2 गोल होने दिए। बालक वर्ग में दिल्ली के प्रवीण सर्वश्रेष्ठ गोल कीपर रहे। उन्होंने प्रतियोगिता में एक भी गोल नहीं होने दिया, लेकिन पेनाल्टी शूट आउट में तीन गोल बचाने में नाकाम रहे।



खिलाड़ी झूम उठे



राष्ट्रीय फुटबाल प्रतियोगिता के अंतिम दिन समापन समारोह में स्कूली छात्राओं द्वारा पेश किए गए मनमोहक नृत्यों एवं मधुर गीतों ने समां बांध दिया। सांस्कृतिक कार्यक्रम की शुरुआत बुंदेलखंड के पारंपरिक बरेदी नृत्य से हुई। अतिथि एवं दर्शक ही नहीं मैदान पर बैठे खिलाड़ी भी झूम उठे।



केंद्रीय विद्यालय क्रमांक-1 की 40 छात्राओं ने एक साथ प्रसिद्ध गायक भूपेन हजारिका के गीत गंगा पर मन मोहने वाला नृत्य प्रस्तुत किया। जिसे निर्मल ज्योति कॉन्वेंट बीना की छात्राओं ने राष्ट्रगान वंदे मातरम् पर आधारित अपनी आकर्षक प्रस्तुति से आगे बढ़ाया। आर्य कन्या स्कूल की छात्राओं ने कृष्ण लीला पर आधारित रंगारंग प्रस्तुति देकर समारोह में चार चांद लगा दिए।

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