मेडिकल कॉलेज में 3 नहीं 9 छात्र हैं फर्जी!
सागर. सागर मेडिकल कॉलेज में एडमिशन लेने वाले फर्जी छात्रों की संख्या बढ़कर 9 हो गई है। यह खुलासा व्यावसायिक परीक्षा मंडल भोपाल की पुन: जांच में हुआ है। जांच सागर मेडिकल कॉलेज की पहल पर की गई है। पूर्व में की जांच में व्यापमं को 3 छात्र संदिग्ध मिले थे। जिसके बाद कॉलेज ने दोबारा 6 और छात्रों के प्रकरण भेजे, जिन्हें देखने के बाद व्यापमं ने संदिग्ध घोषित किया है।
फोटो के मेल नहीं खाने से आए थे पकड़ में- अक्टूबर के मध्य में हुई एडमिशन प्रक्रिया के दौरान कतिपय छात्रों की पीएमटी के प्रवेश-पत्र में लगी फोटो और वर्तमान फोटो मेल नहीं खा रहे थे। संदेह के आधार पर कॉलेज प्रबंधन ने तीन छात्रों के फोटो व उनके पीएमटी के प्रवेश-पत्र में लगे फोटो का व्यापमं से मिलान कराया।
जो आपस में नहीं मिले। यानी छात्र के नाम पर किसी अन्य व्यक्ति ने अपना फोटो लगाकर पीएमटी दी थी। जब वह पास हो गया तो जिसके नाम से परीक्षा दी गई थी वह युवक एडमिशन लेने कॉलेज पहुंच गया।
व्यवस्था में सुधार जरूरी
पकड़े गए संदिग्ध छात्रों ने कैसे परीक्षा दी और फिर वह काउंसिलिंग के दौरान भी पकड़ में नहीं आए। यह भी जांच का विषय होना चाहिए। जरूरी है कि व्यापमं अपनी व्यवस्था में व्यापक सुधार लाए। ताजा मामले में मुझे फिलहाल 3 छात्रों के संदिग्ध होने संबंधी जानकारी मिली है, शेष के बारे में मौखिक जानकारी है लिखित रूप से कुछ नहीं मिला है। अगर 9 छात्र संदिग्ध मिलते हैं तो उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होना तय है। - डॉ. वीके सैनी, संचालक, चिकित्सा शिक्षा विभाग
कलेक्टर और एसपी को लिखेंगे
सागर मेडिकल कॉलेज द्वारा भेजे गए सभी 9 छात्रों के फोटोग्राफ जांच में हमारे पीएमटी रिकार्ड से मेल नहीं खा रहे हैं। इस मामले में सागर कलेक्टर और एसपी को नियमानुसार कार्रवाई के लिए लिखा जाएगा। कॉलेज डीन को भी कार्रवाई के लिए कहा है। - जेपी नारायण, डायरेक्टर, व्यावसायिक परीक्षा मंडल भोपाल
एफएसएल की मदद लेंगे
छात्रों के भविष्य का मामला है इसलिए कोई भी कार्रवाई करने से पहले पूरी सावधानी बरती जाएगी। व्यापमं की जांच रिपोर्ट पर प्रबंधन पहले इन सभी छात्रों के फोटोग्राफ व अन्य दस्तावेजों की फोरेन्सिक जांच कराएगा। इस जांच रिपोर्ट के आधार पर ही अगली कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. एससी तिवारी, डीन, सागर मेडिकल कॉलेज
इंदौर में पकड़े गए छात्र भी ग्वालियर के
सागर से मिलते-जुलते मामले में इंदौर के महात्मा गांधी मेमोरियल कॉलेज ने दो छात्रों के विरुद्व पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई है। जानकारी के मुताबिक कॉलेज में इन दो छात्रों के विरुद्ध दो महीने से जांच चल रही थी। हालांकि इन्हें भी सागर की तरह सशर्त एडमिशन दिया गया था और वह नियमित रूप से कक्षाएं भी अटैंड कर रहे थे। मामले का दूसरा दिलचस्प पहलू यह है कि पकड़ में आए दोनों छात्र ग्वालियर क्षेत्र के हैं। सागर में भी शुरू में पकड़ में आए तीनों छात्र ग्वालियर-मुरैना क्षेत्र के हैं।










