डेंगू के डर से मरीज को किया इंदौर रैफर
रतलाम. शहर में इलाज की सुविधा नहीं होने से शहरवासी परेशान हैं और उन्हें इलाज के लिए इंदौर का रुख करना पड़ रहा है। गुरुवार को भी इसी तरह का मामला सामने आया। बुखार के कारण टाटानगर निवासी तीन वर्षीय सावन पिता पुरुषोत्तम दो दिन से बाल चिकित्सालय में भर्ती था। गुरुवार शाम को खून की कमी होने पर डॉक्टरों ने उसे दो बॉटल खून चढ़ाया।
इसके बाद भी स्थिति में सुधार नहीं होने पर डॉक्टरों ने डेंगू के डर से रात करीब दो बजे उसे इंदौर रैफर कर दिया। इसके बाद उसके पिता की मुश्किलें बढ़ गईं। इंदौर जाने के लिए एम्बुलेंस वालों ने उनसे दो हजार रुपए की मांग की, इस पर रुपए नहीं होने पर उन्हें आधी रात को इधर-उधर भटकना पड़ा। उन्होंने रात करीब ३ बजे कलेक्टर महेंद्र ज्ञानी को फोन किया। इस पर कलेक्टर ने रेडक्रॉस को एम्बुलेंस की व्यवस्था करने के निर्देश दिए तब कहीं वह इंदौर के लिए रवाना हो पाया।
स्थिति में सुधार- बाल चिकित्सालय के डॉ. आर.सी. डामोर ने बताया बालक को दिमागी बुखार था। इस पर उसे खून की बॉटल चढ़ाई गई थी और इंदौर रैफर किया गया था। अब इंदौर में बच्चे की हालत में सुधार है।










