एटीएम: न कैश निकला न कार्ड
ग्वालियर. अगर आप एटीएम में रुपए निकालने जा रहे हैं तो सावधान हो जाएं। कहीं ऐसा न हो कि आपका कार्ड एटीएम में फंसा न रह जाए। दरअसल लोहा मंडी निवासी एमसीए के छात्र सचिन जैन गुरुवार को सायं सात बजे अपने मित्र के साथ मानस भवन के समीप स्थित पेट्रोल पंप पर लगे एक प्राइवेट बैंक के एटीएम में कैश निकालने पहुंचे।
सचिन के पास एसबीआई का कार्ड था, जब उसने कैश निकालने के लिए अपना कार्ड एटीएम में डाला तो कार्ड मशीन के अंदर जाकर फंस गया। काफी देर बाद न तो कैश बाहर आया और न ही कार्ड। सचिन अपने साथ हुए इस घटनाक्रम से कुछ देर के लिए खासे परेशान हो गए।
उन्होंने एटीएम पर तैनात सुरक्षा गार्ड को इससे अवगत कराया तो उसने दो टूकजवाब दिया कि मशीन से कार्ड बाहर नहीं निकलेगा। उसे बैंक अधिकारियों द्वारा ही बाहर निकालकर तोड़ा जाएगा। सचिन ने जब बैंक के कॉल सेंटर पर सूचना दी तो वहां से भी यही जवाब मिला। वे परेशान होकर घर लौट गए।
इसी तरह का एक ओर वाकया तानसेन नगर निवासी दीपक मित्तल के साथ घटा। विगत 24 अक्टूबर को वे भी मानस भवन के समीप वाले इसी प्राइवेट बैंक के एटीएम में रुपए निकालने के लिए गए। उनके साथ भी इसी तरह की घटना हुई। दीपक ने कार्ड फंसने के बाद एटीएम के रजिस्टर में अपनी शिकायत दर्ज कराई, लेकिन उनकी समस्या का अभी तक कोई निराकरण नहीं हो सका।
क्यों आती है परेशानी
बैंक के एक अधिकारी के अनुसार अक्सर लोग एटीएम से रुपए निकालते समय कार्ड को मशीन में डालने के बाद कोड नम्बर का सही उपयोग नहीं करते तथा गलत नम्बर का तीन बार उपयोग करने से उक्त कार्ड मशीन बाहर नहीं फेंकती।
इसके अलावा कभी-कभी एटीएम का उपयोग करते समय लाइट गुल हो जाने या मशीन के बंद होने से रुपए की निकासी नहीं हो पाती। कुछ बैंकों के एटीएम में रुपए निकलने के बाद कार्ड बाहर आता है, जबकि अधिकांश बैंकों में कार्डधारक एटीएम में कार्ड लगाने के बाद तुरंत निकाल लेते हैं।
एसबीआई प्रयोग करें
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के उपभोक्ताओं को शहर के विभिन्न हिस्सों में लगे एसबीआई के एटीएम का ज्यादा से ज्यादा उपयोग करना चाहिए। एसबीआई के एटीएम में कार्ड फंसने का सवाल नहीं उठता। अगर किसी व्यक्ति का कार्ड दूसरी बैंकों के एटीएम में खराब होता है तो बैक चार्ज लेकर नया कार्ड बनाती है। - डीआर अग्रवाल, सहायक महाप्रबंधक(प्रशासन)एसबीआई
अगर किसी उपभोक्ता का कार्ड आईडीबीआई के एटीएम में फंसता है तो धारक को संबंधित बैंक से लिखवाकर कार्ड वापस किया जाता है। - प्रतीक रस्तोगी, सहायक प्रबंधक, आईडीबीआई










