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Saturday, November 07, 2009 08:26 [IST]  

danik bhaskarआईएएस के खिलाफ क्यों नहीं हो रही कार्रवाई?

भास्कर न्यूज

जबलपुर. हाईकोर्ट ने आज राज्य सरकार से पूछा है कि एक युवक से दैहिक शोषण करने वाले आईएएस के खिलाफ पुलिस द्वारा कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है? जस्टिस अजीत सिंह की एकलपीठ ने पीड़ित युवक की शिकायत पर प्रदेश के मुख्य सचिव राकेश साहनी, वित्त विभाग के प्रमुख सचिव सीपी सिंघल, भोपाल के कलेक्टर और एसपी, जिला पंचायत भोपाल के सीईओ ज्ञानेश्वर पाटिल और श्यामला हिल्स थाने के टीआई को 6 सप्ताह में जवाब देने को कहा है।



पीड़ित युवक की ओर से दायर इस याचिका में कहा गया है कि वह जिला पंचायत भोपाल के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ज्ञानेश्वर पाटिल का अधीनस्थ कर्मचारी था। आवेदक का आरोप है कि सीईओ हमेशा अपने अधीनस्थ कर्मचारियों को डरा-धमका कर उनका शारीरिक और मानसिक शोषण करता था। आरोप है कि विगत 18 जून की रात में सीईओ ने आवेदक को जिला पंचायत के कार्यालय में बुलाया और वहां पर उसके साथ जबरदस्ती की।



याचिका के अनुसार उसी दौरान मीडिया कर्मी भी मौके पर आ गए और उन्होंने सीईओ को आपत्तिजनक हालत में पकड़ लिया। मामले के उजागर होने पर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने ज्ञानेश्वर पाटिल को निलंबित करके मामले की जांच का जिम्मा वित्त विभाग के प्रमुख सचिव सीपी सिंघल को सौंप दिया। इस बीच जांच की कार्रवाई में ज्ञानेश्वर पाटिल द्वारा कथित रूप से दखलंदाजी किये जाने की आशंका जताते हुए यह याचिका दायर की गई।



आवेदक ने राहत चाही है कि सीईओ के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए और जांच जारी रहने तक उसका तबादला कहीं और करने के निर्देश जारी किये जाएं। मामले पर आज हुई प्रारंभिक सुनवाई के दौरान आवेदक की ओर से अधिवक्ता एनपी राठौर ने अपना पक्ष रखा।



सुनवाई के बाद अदालत ने पाया कि याचिकाकर्ता की व्यथा यही है कि शिकायत किये जाने के बाद भी पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जा रही, क्योंकि ज्ञानेश्वर पाटिल न सिर्फ आईएएस, बल्कि उनकी ऊपर तक पहुंच है। इस तथ्य को देखते हुए अदालत ने अनावेदकों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।



सुप्रीम कोर्ट पहुंचा वार्ड आरक्षण का मामला



नगर निगम चुनाव के लिए किए गए वार्डो के आरक्षण को वैध ठहराने वाले मप्र हाईकोर्ट के 22 अक्टूबर के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है। प्रधान न्यायाधीश केजी बालाकृष्णन की अध्यक्षता वाली तीन जजों की बैंच ने शुक्रवार को भोपाल के अशोक मालपाणी व अन्य की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई की और अंतरिम राहत के मुद्दे पर 16 नवम्बर को आगे सुनवाई करने को कहा है। प्रकरण पर आज हुई सुनवाई के दौरान आवेदकों की ओर से अधिवक्ता संजय के. अग्रवाल, पंकज दीक्षित और एपी श्रोती बैंच के समक्ष हाजिर हुए।

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