सिमी के मददगारों की तलाश
जबलपुर. सिमी के मददगारों की तलाश के लिये एटीएस ने योजना बना ली है। इन मददगारों की तलाश न केवल भोपाल, इंदौर बल्कि जबलपुर और सिवनी, रीवा आदि जिलों में की जायेगी। इस दौरान आरोपियों को भी उन स्थानों पर ले जाया जायेगा। मददगारों में वे लोग शामिल किये जायेंगे, जिन्होंने आतंकियों को न केवल पनाह दी, बल्कि पैसों से भी उनकी मदद की है।
ऐसे लोगों की सूची बना ली गई है। इस सूची में शामिल लोगों का परीक्षण कर उनके सिमी से जुड़े होने की भी जांच की जायेगी। एटीएस अपनी टीम के साथ स्थानीय पुलिस की भी मदद लेगी। एटीएस चीफ पवन श्रीवास्तव के अनुसार राजस्थान की पुलिस भी आरोपियों से पूछताछ करने पहुंच गई है। अभी अनेक मामलों पर विस्तृत पूछताछ की जाना है।
अगली योजना पर ध्यान
सिमी के गुर्गो से पूछताछ में एटीएस उनकी अगली योजना का पता लगा रही है। एटीएस ने सम्भावना जताई है कि आरोपी किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे और उसके लिये योजना बना रहे थे। वैसे अभी तक की गई पूछताछ में आरोपियों ने ऐसी किसी वारदात के बारे में जानकारी नहीं दी है।
कड़ी सुरक्षा में ले गए
आरोपियों को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था में भोपाल ले जाया गया है। इनको ले जाने की जानकारी स्थानीय पुलिस को भी नहीं दी गई। स्थानीय पुलिस से केवल सशस्त्र सुरक्षा बल मांगा गया था और उस बल को भी यह जानकारी नहीं दी गई थी कि उन्हें कहां जाना है। आरोपी 13 नवम्बर तक के पुलिस रिमांड पर हैं। इस दौरान एटीएस पर पूछताछ पूरी करने और आरोपियों को उनके शरण लेने वाले स्थानों पर उन्हें ले जाकर तस्दीक करने की चुनौती है।










