अमेरिकी सेना के मेजर ने 13 लोगों को गोली से उड़ाया
ह्यूस्टन। इराक में तैनात किए जाने से नाराज अमेरिकी सेना के एक मेजर द्वारा गुरुवार को टेक्सास स्थित देश के सबसे बड़े सैन्य अड्डे में की गई अंधाधुंध गोलीबारी में 13 लोगों की मौत हो गई और 31 घायल हो गए। मृतकों में 10 सैनिक शामिल हैं। सेना में मनोचिकित्सक की हैसियत से पदस्थ इस सैन्य अधिकारी को हिरासत में ले लिया गया है।
गोलीबारी से पूरा अमेरिका स्तब्ध है और राष्ट्रपति बराक ओबामा ने घटना को हिंसा का खौफनाक विस्फोट करार दिया है। अमेरिका के किसी सैन्य अड्डे पर यह अब तक की सबसे बड़ी सामूहिक हत्या है।
सेंट्रल टेक्सास के सेंट एंटोनियो में फोर्ट हुड सैन्य अड्डे के अधिकारियों ने बताया कि जॉर्डन मूल के अमेरिकी नागरिक मेजर निदाल मलिक हसन (39) ने दो बंदूकों से मिल्रिटी प्रोसेसिंग सेंटर में गोलीबारी की थी, जहां इराक जाने वाले सैनिक अपनी मेडिकल जांच करा रहे थे। उनके मुताबिक, हसन ने सोल्जर रेडीनेस प्रोसेसिंग सेंटर और हाउस थियेटर में भी जवानों पर गोलियां चलाईं।
सैन्य अड्डे के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल बॉब कोन ने बताया कि जवाबी कार्रवाई में हसन को पकड़ लिया गया है। कोन ने गोलीबारी के कारणों के बारे में कुछ नहीं बताया।
सेना छोड़ना चाहता था निदाल : निदाल की बहन नादेर हसन ने बताया कि उसके भाई ने अपने मरीजों से युद्ध की खौफनाक बातें सुनी थी और इराक में तैनाती की वजह से वह इस हद तक चला गया। हसन ने हाल में सेना छोड़ने के लिए एक वकील की मदद ली थी। नादेर के मुताबिक, 9/11 की आतंकी घटना के बाद निदाल को उसकी राष्ट्रीयता को लेकर सताया जाता था। ‘कैमिल जॉकी’ कहकर उसका मजाक उड़ाया जाता था।
‘जब हम विदेश में लड़ाई के दौरान बहादुर अमेरिकी सैनिकों को खो देते हैं तो इसका सामना करना बहुत मुश्किल होता है। अब अमेरिकी धरती पर ही सैनिक गोलीबारी का शिकार हुए हैं, जो बहुत खौफनाक है।’ - बराक ओबामा, अमेरिकी राष्ट्रपति
बड़े सैन्य अड्डों में से एक है फोर्ट हुड
फोर्ट हुड दुनिया के सबसे बड़े सैन्य अड्डों में से एक है, जहां एक साथ 40 हजार सैनिक ठहर सकते हैं। इसका मुख्य उद्देश्य सैनिकों को हमेशा सैन्य अभियानों के लिए तैयार रखना है। प्रत्येक दिन यहां कम से कम 25 हजार सैनिक मौजूद रहते हैं।










