लंबे करियर का राज ‘जुनून’
हैदराबाद. अंतरराष्ट्रीय कॅरियर में दो दशक पूरा करने के करीब खड़े सचिन तेंडुलकर के लंबे कॅरियर का राज देश के लिए खेलने का उनका जुनून है। मास्टर ब्लास्टर ने कहा, ‘यह देश के लिए खेलने का जुनून है, जो मुझे लगातार बेहतर खेलने की प्रेरणा देता है। देश के लिए खेलना हमेशा एक सपना होता है और मैं पिछले 20 साल से इसके प्रति ईमानदार रहा हूं।’
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 175 रन की पारी खेलने के बावजूद भारत की हार से सचिन निराश दिखे। उन्होंने कहा अहम मौकों पर हमने कुछ विकेट गंवाए और साथ ही मैच भी हार गए। यानि, आखिर की कुछ गलतियों से हमारे अच्छे प्रयास पर पानी फिर गया, जो निराशाजनक रहा।’
सचिन की इस बेहतरीन पारी से प्रतिद्वंद्वी कप्तान रिकी पोंटिंग भी प्रभावित हुए बिना नहीं रह सके। पोंटिंग ने कहा, ‘यह उन सर्वश्रेष्ठ पारियों में से एक है, जो मैंने अब तक देखी हैं।’
बधाइयों का तांता लगा: वनडे में 17,000 रन पूरा करने के बाद सचिन को मिलने वाली बधाइयों का तांता लग गया है।
‘हम मानसिक लड़ाई हार गए’: भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी का मानना है कि पांचवें वनडे में उनकी टीम ऑस्ट्रेलिया से मानसिक द्वंद्व में हार गई और इसका खामियाजा उसे मैच हार कर भुगतना पड़ा।
धोनी ने कहा, ‘इस हार से हमें बेहद मायूसी हुई है। हम सचिन की मास्टर पारी का फायदा नहीं उठा पाए, हालांकि अंतिम विकेट गिरने से पहले तक हमें जीत की आस थी।’
उन्होंने कहा, ‘मेरे ख्याल से जीत के इतना करीब आकर हारना प्रतिभा की बात नहीं है। यह मानसिक द्वंद्व था, जहां आप जानते हैं कि एक बड़ा शॉट लगाकर मैच जीता जा सकता है। इसी समय आप शॉट खेलते हैं, लेकिन यह नहीं सोचते कि इसकी जरूरत है भी या नहीं। ऐसे में एक गलती परिणाम बदल देती है।’










