अमेरिकी हथियारों की बिक्री बढी
वाशिंगटन। अमेरिकी रक्षा मंत्नालय के मुताबिक विश्व के अन्य देशों को अमेरिका से हथियारों की होने वाली बिक्री में पिछले वर्ष की तुलना में 4.7 प्रतिशत की बढोतरी दर्ज की गई है तथा वर्ष 2010 में इसके और बढने की संभावना है।
अमेरिका के डिफेंस सिक्युरिटी कारपोरेशन एजेंसी के प्रमुख वाइस एडमिरल जेफरी विएंरगा ने कहा कि वर्ष 2009 के आकडों से पता चलता है कि पिछले वर्ष के मुकाबले इस वर्ष हथियारों की बिक्री में 4.7 प्रतिशत की बढोतरी हुई है। वर्ष 2008 में जहां विश्व के विभिन्न देशों को 36.4 अरब डालर के हथियार बेचे गए वहीं 2009 में यह बिक्री 38.1 अरब डालर तक पहुंच गई। जबकि वर्ष 2007 में अमेरिका से केवल 23.3 अरब डालर के हथियारों की बिक्री हुई थी।
एडमिरल विएंरगा के मुताबिक वर्ष 2009 में देश से हथियार खरीदने वाले प्रमुख देशों में संयुक्त अरब अमीरात, अफगानिस्तान और सऊदी अरब आदि शामिल है। संयुक्त अरब अमीरात ने 7.9 अरब डालर, अफगानिस्तान ने 5.4 अरब डालर और सऊदी अरब ने अमेरिका से 3.3 अरब डालर के हथियार खरीदे जबकि ताईवान 3.2 अरब डालर, मिस्र 2.1 अरब डालर और इराक ने 1.6 अरब डालर के हथियार खरीदे।
इसके साथ ही अमेरिका से हथियार खरीदने वालों में उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) आस्ट्रेलिया और दक्षिण कोरिया भी शामिल हैं। क्षेत्नीय राजनीतिक के कारण हथियारों का समझौता आमतौर पर संवेदनशील मामला माना जाता है और इस वर्ष राष्ट्रपति पद संभालने वाले बराक ओबामा के लिए यह और अधिक संवेदनशील साबित हो सकता है। कुछ आलोचकों का मानना है कि इस वर्ष का शांति का नोबल पुरस्कार जीतने वाले ओबामा को क्षेत्नीय हथियारों की होड रोकने के लिए हथियारों की बिक्री में कमी लानी चाहिए।
लेकिन हथियारों की बिक्री अमरीकी हथियार निर्माता कंपनियों के लिए काफी मायने रखती है।










