प्री-प्लेसमेंट में नहीं दिखा मंदी का असर
अहमदाबाद. भारतीय प्रबंधन संस्थान, अहमदाबाद (आईआईएम-ए) में समर प्री-प्लेसमेंट की कार्यवाही शुक्रवार को सम्पन्न हो गई। पिछले तीन सालों की तुलना में इस बार प्लेसमेंट मात्र चार दिनों में ही सिमट गया। हर साल की तरह इस साल भी फाइनेंस क्षेत्र का दबदबा रहा। इस बार के प्लेसमेंट में वैश्विक मंदी के बादल छंटते नजर आए। इस दौरान अंतरराष्ट्रीय कंपनियों ने भी पहली बार उत्सुकता दिखाई।
पोस्ट ग्रेजुएट प्रोग्राम इन मैनेजमेंट के 312 विद्यार्थियों में से 310 विद्यार्थी प्लेसमेंट की प्रक्रिया में उपस्थित थे। इन सभी विद्यार्थियों को इंटर्नशिप के लिए प्रस्ताव मिले हैं। प्लेसमेंट की प्रक्रिया दो स्लॉटों में पूरी हुई। स्लॉट शून्य में 166 व स्लॉट वन में 144 विद्यार्थियों ने कंपनियों के प्रस्ताव स्वीकार किए। वर्ष 2007-09 के बैच में 262 विद्यार्थियों व 2008-10 के 300 विद्यार्थियों के प्लेसमेंट की प्रक्रिया छह-छह दिनों तक चली थी।
इस साल भी प्लेसमेंट में फायनेंस क्षेत्र का दबदबा रहा। चालू वर्ष में 44 फीसदी विद्यार्थियों ने इस क्षेत्र में जबकि 18 फीसदी विद्यार्थियों ने मार्केटिंग की इंटर्नशिप स्वीकार की है। इसके बाद जनरल मैनेजमेंट, कंसल्टिंग और आखिर में आईटी क्षेत्र रहा।
पिछले साल स्लॉट जीरो में इनवेस्टमेंट बैंकों के 35 प्रस्ताव विद्यार्थियों ने स्वीकार किए थे जबकि इस साल 77 प्रस्ताव स्वीकार किए गए हैं। उधर, रॉयल बैंक ऑफ स्काटलैंड के 12 प्रस्तावों को विद्यार्थियों ने स्वीकार किया है। इसके बाद टाटा एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस कंपनी के दस इंटर्नशिप के प्रस्ताव विद्यार्थियों ने स्वीकार किए हैं। प्लेसमेंट की प्रक्रिया में अनेक बार विदेशी कंपनियां भी आईं थीं। इसके अलावा कई भारतीय कंपनियों ने भी विदेश में इन्टर्नशीप के लिए विद्यार्थियों को प्रस्ताव दिए।










