महाराष्ट्र में मुख्य सचिव पद के लिए खींचतान
मुंबई. महाराष्ट्र के मुख्य सचिव जॉनी जोसेफ का कार्यकाल ३क् नवंबर को खत्म हो रहा है। इसी के मद्देनजर मुख्य सचिव पद को लेकर वरिष्ठ नौकरशाहों के बीच खींचतान शुरू हो गई है।
डांगे,गोखले और गायकवाड दौड़ में आगे
महाराष्ट्र में जिस तरह के राजनीतिक हालात हैं,उसके मद्देनजर नए मुख्य सचिव के रूप में किसी मराठी ब्यूरोक्रेट की नियुक्ति पक्की मानी जा रही है। यही वजह है कि राजस्व विभाग के अपर मुख्य सचिव जेपी डांगे, स्वास्थ्य विभाग की अपर मुख्य सचिव शर्वरी गोखले और एमएमआरडी के आयुक्त रत्नाकर गायकवाड का नाम मुख्य सचिव पद की दौड़ में सबसे आगे बताया जा रहा है।
महत्वपूर्ण है कि डांगे मराठी भाषी होने के साथ-साथ दलित समाज से भी संबंधित हैं, लिहाजा बहुत संभव है कि मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण उनके नाम पर राजी हो जाएं। जॉनी जोसेफ का कार्यकाल समाप्त होने पर वरिष्ठता के लिहाज से डांगे नंबर एक पर बताए जा रहे हैं। उनके बाद गृह विभाग की अपर मुख्य सचिव चंद्रा अय्यंगार और विशेष जांच विभाग की प्रधान सचिव लीना मेहंदले का नंबर आता है। हालांकि अय्यंगार और मेहंदले के अलावा मुख्य सचिव की दौड़ में स्वास्थ्य विभाग की अपर मुख्य सचिव शर्वरी गोखले, अपर मुख्य सचिव (मदद कार्य व पुनर्वास) एम. रमेश कुमार, राजीव अग्रवाल, बीएस मीना, अशोक सिन्हा और रत्नाकर गायकवाड का नाम भी शामिल है।
जानकार सूत्रों का कहना है कि मुख्य सचिव की नियुक्ति में भाषा और प्रांत की ख्याल न रखते हुए प्रशासन को सही ढंग से चलाने और सत्ताधारी दल की योजना पर अमल करने की क्षमता को ज्यादा तवज्जों दिया जाता है। यही कारण है कि मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण मुख्य सचिव के चयन के वक्त मराठी भाषी या फिर दलित ब्यूरोक्रेट के पचड़े में न पड़ते हुए डांगे,अय्यंगार,अग्रवाल और गायकवाड में से एक के नाम पर मुहर लगा सकते हैं।










