कोड़ा का महाघोटाला, एक महीने में जमा किए 61 करोड़
मुंबई। करीब 4000 करोड़ रुपए के घोटाले के मुख्य आरोपी और झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोडा ने मुंबई की एक बैंक शाखा में सिर्फ एक महीने में 61 करोड़ रुपए जमा कराए थे। मामले की जांच कर रहे प्रवर्तन निदेशालय और आयकर विभाग ने बताया की कोडा ने मुंबई की यूनियन बैंक ऑफ़ इंडिया की झवेरी बाज़ार शाखा में यह पैसा जमा कराया था।
सूत्रों के मुताबिक कोडा ने यह रकम 2007 में अपने मुख्यमंत्री रहते हुए 2 मार्च से 31 मार्च के बीच जमा कराए थे। इस खुलासे के बाद एक बार फिर सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की कार्य प्रणाली पर प्रश्न चिन्ह लग गया है। हालांकि कि कोडा कांड की जांच में लगीं एजेंसियों को विकास सिन्हा की गिरफ्तारी से बड़ी सफलता हाथ लगी है। गौरतलब है कि सिन्हा, कोडा के करीबी बिनोद का छोटा भाई है। जांच एजेंसियों ने उसे शुक्रवार को रांची से गिरफ्तार किया था।
पूछताछ में विकास ने कई बड़े खुलासे किए हैं, जिनमें कोडा के स्विस बैंक खाते और अन्य नामी-बेनामी संपत्तियों का ब्यौरा शामिल है। विकास ने जांच एजेंसियों को यह भी बताया है कि उसने बिनोद के चार्टेड एकाउंटेंट एस के नरेडी को 40 करोड़ रुपए दिए थे। हालाकि नरेडी इन आरोपों को निराधार बता रहा है।
बहरहाल महाघोटाले की जांच में जुटीं एजेंसियों को मुंबई में जमा पैसों के बारे में तब पता चला जब कोड़ा के सहयोगी मनोज पुनमिया के ठिकानों पर छापा मारा गया। पता चला है कि मनोज बालाजी बुलियन नाम की कंपनी चलाता है। पुनमिया जांच एजेंसियों की नज़र मे तब आया जब उसकी कंपनी बालाजी यूनिवर्सल ट्रेड को 350 मिलियन डॉलर का फायदा हुआ जो चौकाने वाला था। जांच में बालाजी बुलियन और कोडा के तार हवाला कारोबार से भी जुडते नज़र आए हैं।










