दम हो तो बाबर को अत्याचारी कहें, सुदर्शन की चिदम्बरम को चुनौती
अयोध्या. राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के पूर्व सरसंघ चालक के.सी.सुदर्शन ने केन्द्रीय गृहमंत्नी पी.चिदम्बरम के वन्देमातरम पर प्रस्ताव पारित करने वाले जमीयत उलेमा-ए-हिंद के मंच पर जाने और बाबरी विध्वंस को गलत बताने पर नाराजगी जताते हुए कहा है कि यदि वह सच्चे हैं तो जिस मंदिर को बाबर ने तोड़ा उसके लिए उसे अत्याचारी घोषित करें।
श्री सुदर्शन कल देर शाम यहां रानो वाली स्थति उदासीन ऋषि आश्रम में आयोजति गुरजन स्मृति द्धांजलि समारोह को संबोधति कर रहे थे। उन्होंने कहा कि देश में परविर्तन की घड़ी बिलकुल करीब आ गयी है। प्रकृति संदेश दे रही है कि देश में परिवर्तन होने वाला है। इसके सामाजिक संदेश मिलने शुरु हो गये हैं। श्री सुदर्शन ने कहा कि देश के कई कथा वाचको के पाण्डालो में हजारों की भीड़ उमड़ती है,जिस में युवा भी होते हैं। इससे साफ् है कि परिवर्तन शीघ्र होगा।










