Saturday, November 07, 2009 17:31 [IST]  

danik bhaskarजीतना ही होगा भारत को

एजेंसी

dhoni sachinगुवाहाटी. हैदराबाद में करीबी शिकस्त के बाद भारत करो या मरो वाले छठे एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच में कल के इस मैच में हार के साथ सात मैचों की श्रृंखला भी उसके हाथ से फिसल जायेगी।

मेहमान टीम श्रृंखला में 3-2 से आगे चल रही है| अगर भारत को विश्व क्रिकेट का बेताज बादशाह बनना है कि तो उसके पास कल और मुंबई में अंतिम मैच जीतने के अलावा कोई विकल्प नहीं है।

आस्ट्रेलियाई टीम ने चोटों की समस्या से जूझने के बावजूद महेंद्र सिंह धोनी की टीम को कड़ी टक्कर दी है और काफी दबाव होने के कारण टीम इंडिया के लिए जीत दर्ज करना आसान नहीं होगा।

आस्ट्रेलियाई टीम भले ही अपने आधे से अधिक नियमित खिलाड़ियों को गंवाने के बाद कमजोर हुई हो लेकिन पिछले दो मैचों में करीबी जीत के बाद मेहमान टीम आत्मविश्वास से भरी है।

टीम इंडिया के कप्तान धोनी हालांकि इस बात से सहमत नहीं हैं कि कल करो या मरो के मुकाबले में मेजबान टीम पर अतिरिक्त दबाव होगा।

धोनी ने कहा, ‘‘हर मैच में दबाव होता है। इस स्तर पर हमेशा दबाव होता है।"

नेहरू स्टेडियम पर भारत को वापसी की आस

आस्ट्रेलिया के हाथों लगातार दो शिकस्त के बाद वनडे श्रृंखला में 2-3 से पिछड़ रही भारतीय क्रिकेट टीम को कल गुवाहाटी के उस नेहरू स्टेडियम में जीत के साथ सात मैचों की श्रृंखला में वापसी की उम्मीद होगी जो टीम इंडिया के लिए भाग्यशाली रहा है जबकि फार्म में लौटे मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर भी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 30 हजार रन का मुकाम हासिल करने उतरेंगे।

हैदराबाद के उप्पल में 175 रन की आतिशी पारी खेलकर अकेले दम पर टीम इंडिया को जीत के करीब पहुंचाने वाले तेंदुलकर अगर कल 49 रन बना लेते हैं तो वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 30 हजार रन पूरे करने वाले पहले बल्लेबाज बन जाएंगे। तेंदुलकर ने अब तक 435 एकदिवसीय मैचों में 17168, 159 टेस्ट मैच में 12773 और एक ट्वेंटी20 मैच में 10 रन सहित कुल 29,951 रन बनाये हैं।

नेहरू स्टेडियम पर तेंदुलकर का रिकार्ड प्रभावशाली रहा है और उन्होंने यहां चार मैचों में 48 की शानदार औसत के साथ 96 रन बनाये हैं और क्रिकेट प्रेमियों को उम्मीद होगी कि उप्पल में एकदिवसीय क्रिकेट में 17000 रन पूरे करने वाला मुंबई का यह बल्लेबाज गुवाहाटी के दर्शकों को अपने 30,000 अंतरराष्ट्रीय रन का गवाह बनने की खुशी देगा।

भारत के लिए यह मैच करो या करो का होगा और अगर टीम इंडिया इस मैच में हार जाती है तो सात मैचों की श्रृंखला गंवा देगी। टीम इंडिया के लिए अच्छी खबर है कि नेहरू स्टेडियम की पिच मेजबान टीम को रास आती है और यहां आठ में से पांच मैचों में उसने जीत दर्ज की है जबकि तीन में उसे शिकस्त झेलनी पड़ी।



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विचार:

pankaj

Saturday, 7th Nov 2009, 18:13
भारत के लिए यह मैच करो या करो का होगा और अगर टीम इंडिया इस मैच में हार जाती है तो सात मैचों की श्रृंखला गंवा देगी

Kiranlal Kshirsagar

Saturday, 7th Nov 2009, 21:38
To keep the credit of cricket in soul of Indian, Do or Die and win the tomorrow match. Let the final match go in !!!! Don't worry about it. God bless you, keep it up !

apne vichaar
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