नर्मदा तट पर रम गया पत्रकारिता का कबीर
इंदौर. हिंदी पत्रकारिता के पुरोधाओं में से एक प्रभाष जोशी की देह शनिवार को बड़वाह में पुण्य सलिला नर्मदा किनारे पंचतत्व में लीन हो गई। परिजनों, पत्रकारिता जगत के साथियों, राजनेताओं, खेल विश्लेषकों और सैकड़ों शुभचिंतकों की मौजूदगी में खेड़ीघाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया।
ज्येष्ठ पुत्र संदीप जोशी ने जब चिता को मुखाग्नि दी तो ‘प्रभाष जोशी अमर रहें’ के नारे से आसमान गूंज गया। अंतिम संस्कार के पहले, पूर्व उपराष्ट्रपति भैरोंसिंह शेखावत, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सुरेश पचौरी, सांसद व पूर्व केंद्रीय मंत्री दिग्विजयसिंह (बांका), सांसद अनिल दवे, चिंतक व विचारक गोविंदाचार्य, स्वामी अग्निवेश सहित कई वरिष्ठ पत्रकारों खेल समीक्षकों और राजनेताओं ने उनकी पार्थिव देह पर पुष्पमाला अर्पित की। शनिवार सुबह प्रभाषजी की अंतिम यात्रा उनके मोती तबेला स्थित पैतृक निवास से बड़वाह के लिए रवाना हुई थी।










