कोड़ा का सहयोगी 10 दिन की हिरासत में
रांची/नई दिल्ली. झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा के सहयोगी विकास सिन्हा को रांची की एक कोर्ट ने शनिवार को दस दिन की रिमांड पर प्रवर्तन निदेशालय को सौंप दिया।
निदेशालय ने कोड़ा के सहयोगी बिनोद सिन्हा के भाई विकास को आईपीसी की धारा 409, 420, 465 और 120 समेत भ्रष्टाचार निरोधक कानून की विभिन्न धाराओं के तहत आरोपी बनाया है। विकास को पूछताछ के लिए जल्द ही दिल्ली स्थित प्रवर्तन निदेशालय के मुख्यालय लाया जाएगा जहां उससे हवाला लेनदेन के बारे में पूछताछ की जाएगी। विकास को शुक्रवार को रांची में गिरफ्तार किया गया था।
निदेशालय के अनुसार विकास ने 2006-07 के आयकर रिटर्न में अपनी आमदनी 5,66,526 रुपए बताई थी, जो 2007-08 में चार गुना बढ़कर 24 लाख रुपए हो गई। इसके अलावा पूछताछ में विकास ने माना है कि वह रांची से 40 करोड़ रुपए लेकर कोलकाता गया था। यहां उसने यह राशि अपने भाई बिनोद व कोड़ा के लिए कथित हवाला लेनदेन में इस्तेमाल की।
अस्पताल से छुट्टी नहीं
रांची स्थित अपोलो समूह के अब्दुर रज्जाक वीवर्स मेमोरियल अस्पताल में भर्ती कोड़ा को शनिवार को भी अस्पताल से छुट्टी नहीं दी गई। आयकर विभाग ने कहा है कि कोड़ा की हालत अब पहले से बेहतर है। जल्द ही उनसे आगे की पूछताछ की जाएगी। इस बीच, प्रवर्तन निदेशालय ने आव्रजन ब्यूरो को पत्र लिखकर सभी हवाई अड्डों को बिनोद सिन्हा और संजय चौधरी को बाहर न जाने देने के लिए सतर्क करने को कहा है।
कोड़ा की पत्नी ने दी 11 बकरों की बली
अरबों रुपए के हवाला लेनदेन के आरोपों में घिरे मधु कोड़ा की पत्नी गीता कोड़ा ने पति के जल्द ठीक होने के लिए शुक्रवार की शाम एक मंदिर में 11 बकरों की बलि दी है। यहां 40 किमी दूर रामगढ़ स्थित राजरप्पा मंदिर के पुजारी के अनुसार गीता ने भगवान से कोड़ा के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना की है। कोड़ा उच्च रक्तचाप और पेट दर्द की शिकायत के बाद 3 नवंबर से रांची के अस्पताल में भर्ती हैं।
गीता ने शनिवार को कोड़ा के संसदीय क्षेत्र सिंहभूम का दौरा कर स्थानीय लोगों से कहा कि उनके पति निर्दोष हैं। कोड़ा के पिता रसिक कोड़ा ने भी कहा है कि उनके पुत्र को राजनीतिक पचड़ों में फंसाया जा रहा है।










