काफी समय से सुलग रही थी मंडी में चिंगारी
मंडी. मंडी में डीसी ओंकार शर्मा को न हटाए जाने के कारण हुए बवाल के कारण काफी पुराने हैं। डीसी काफी समय से कुछ भाजपाइयों के निशाने थे। भाजपा के ही कुछ नेता यह आरोप लगाते रहे हैं कि डीसी यहां पार्टी के कुछ चुनिंदा लोगों की गिरफ्त में हैं और उन्हीं के इशारों पर काम होते हैं, जबकि पार्टी के ही कुछ कद्दावर नेताओं को नजरअंदाज करते हैं।
यहां तक कि उनकी कार्यप्रणाली को लेकर मुख्यमंत्री से भी मंडी के भाजपाइयों ने शिकायतें की थीं और उन्हें बलदने की मांग की थी, लेकिन लोकनिर्माण मंत्री गुलाब सिंह से नजदीकियां होने के चलते तमाम शिकायतों के बावजूद डीसी मंडी अपने कुर्सी पर काबिज रहे। इसी बीच एबीवीपी प्रकरण के बाद एक बार फिर जब वह विवादों में घिरे तो उन लोगों को बोलने का मौका मिल गया जो पर्दे के पीछे ओंकार शर्मा को यहां से हटाने के पक्षधर थे।
मंडी के तीन मंत्रियों के बीच डीसी बदलने को लेकर जंग छिड़ी है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं पर हुए लाठीचार्ज को तीन मंत्रियों के बीच इसी वर्चस्व की जंग के रूप में देखा जा रहा है। पंचायती राज मंत्री जयराम ठाकुर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के संगठन मंत्री मंडी चमन शर्मा पर हुए थप्पड़ प्रकरण के बाद डीसी का तबादला चाहते थे।
परिवहन मंत्री महेंद्र ठाकुर भी डीसी से खुश नहीं हैं। ऐसे में वह भी निर्वतमान डीसी को बदलना चाहते हैं। मंडी के इन दो ठाकुर मंत्रियों पर इसी जिले के तीसरे ठाकुर भारी पड़ रहे हैं। लोनिवि मंत्री ठाकुर गुलाब सिंह के डीसी को सार्वजनिक रूप से क्लीन चिट देने से ये दोनों मंत्री खफा हैं। ये दोनों मंत्री डीसी मंडी को बदलना चाहते हैं जबकि गुलाब सिंह किसी भी सूरत में डीसी को बदलने के पक्षधर नहीं हैं।
डीसी न आते तो..
एबीवीपी कार्यकताओं ने पहले ही चेतावनी दे दी थी यदि डीसी शनिवार को मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में आते हैं तो वह उनका घेराव करेंगे। ऐसे में इस बवाल से बचने के लिए उन्हें कार्यक्रम से दूर रखा जा सकता था, लेकिन अब पार्टी और पार्टी समर्थित संगठन के बीच की दूरियां जगजाहिर हो गई हैं।










