सीएम पर पत्थर छात्रों पर लाठी
मंडी. अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के संगठन मंत्री को थप्पड़ मारने के मामले में डीसी के खिलाफ कार्रवाई न करने से नाराज एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने शनिवार को मंडी स्थित वल्लभ कॉलेज में मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के दौरान जमकर पथराव किया और उत्पात मचाया।
इस दौरान कुछेक पत्थर मंच पर भी गिरे, लेकिन मुख्यमंत्री उनकी चपेट में नहीं आए। छात्रों के उत्पात के कारण मुख्यमंत्री को अपना भाषण पांच मिनट में खत्म करना पड़ा। छात्रों ने कार्यक्रम स्थल पर रखी कुर्सियों को तोड़ डाला।
पुलिस ने उन पर लाठियां बरसानी शुरू कर दीं। लेकिन छात्र नियंत्रण में नहीं आए और करीब ढाई घंटे हंगामा करते रहे। होता यह कि पुलिस छात्रों को खदेड़ती तो वे भाग निकलते लेकिन जैसे ही पुलिस वापस होती वे फिर घुस जाते और उत्पात मचाना शुरू कर देते।
दो—तीन बार तो कार्यकर्ता सभा स्थल में ही घुस कर नारे लगाते रहे। कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री आईडी धीमान, परिवहन मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री जयराम ठाकुर, मुख्य संसदीय सचिव वीरेद्र कंवर, विधायक अनिल शर्मा और शिक्षा निदेशक डॉ. ओपी शर्मा भी मौजूद थे। मुख्यमंत्री प्रेमकुमार धूमल का यहां वल्लभ कॉलेज में पुस्तकालय भवन के उद्घाटन का कार्यक्रम था।
उसके बाद उन्हें युवा उत्सव के समापन में शिरकत करनी थी। एबीवीपी कार्यकर्ता मुख्यमंत्री का घेराव करने के लिए कॉलेज के गेट पर पहले से ही जमा थे। मुख्यमंत्री के वहां पहुंचने से पहले परिवहन मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर ने एबीवीपी कार्यकर्ताओं को समझाने की कोशिश की, लेकिन नाकाम रहे।
नाराज कार्यकर्ताओं को एबीवीपी के राष्ट्रीय मंत्री उमेश दत्त ने भी समझाया। पर वे अपनी जिद पर अड़े रहे। इसी बीच मुख्यमंत्री का काफिला मुख्य गेट से न होकर पीछे से निकल गया। इससे एबीवीपी कार्यकर्ता बिफर गए। सीएम सीधे पुस्तकालय भवन का उद्घाटन करने अंदर चले गए।
इसी बीच कार्यकर्ता पुलिस का घेरा तोड़ कर पुस्तकालय भवन के बाहर जमा हो गए और नारे लगाने लगे। पुलिस ने उन्हें गेट पर ही रोक दिया। इस दौरान ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री जयराम ठाकुर और मुख्य संसदीय सचिव वीरेंद्र कंवर ने भी कार्यकर्ताओं को मनाने का असफल प्रयास किया।
कॉलेज के पिछले गेट से निकले मुख्यमंत्री
कार्यकर्ताओं के उग्र प्रदर्शन के कारण मुख्यमंत्री को कॉलेज के पिछले गेट से निकाला गया। जब कार्यकर्ता उनके नजदीक जाने लगे तो पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा। इसके बाद भी कार्यकर्ताओं और पुलिस में झड़प हो गई। कार्यकर्ता लगातार पत्थर बरसाते रहे। पुलिस ने दौड़ा-दौड़ा कर कार्यकताओं को खदेड़ा और लाठियां बरसाईं। पुलिस को पड्डल मैदान में लैंड किए सीएम के हेलीकॉप्टर को भी सुरक्षा घेरे में लेना पड़ा। मंत्रियों की कारों को पत्थरों से बचाने के लिए ड्राइवर गाड़ियों को मंच के ही नजदीक ले गए।
क्या है विरोध का कारण
एबीवीपी के संगठन मंत्री चमन शर्मा ने डीसी मंडी ओंकार शर्मा पर 9 अक्टूबर को थप्पड़ मारने का आरोप लगाकर विरोध प्रदर्शन किया था। संगठन ने प्रदेश सरकार से डीसी का तबादला करने की भी मांग की थी। लेकिन कार्रवाई न होने से कार्यकर्ता नाराज थे।
सारी रिपोर्ट मांगी : धूमल मुख्यमंत्री प्रेमकुमार धूमल ने बताया कि पूरे मामले की जानकारी ली जाएगी, रिपोर्ट मांगी गई है। उन्होंने कहा कि लाठीचार्ज की उन्हें जानकारी नहीं है। किसी को भी कार्यक्रम में खलल डालने की इजाजत नहीं दी जा सकती। बातचीत के लिए दो मंत्रियों को भेजा गया था, लेकिन संगठन के कार्यकर्ता बातचीत के लिए राजी नहीं हुए। इस मसले को बातचीत से सुलझाया जा सकता था।
प्रदेश भर के कॉलेज बंद कराएंगे 9 को
एबीवीपी के राष्ट्रीय संगठन मंत्री उमेश दत्त ने कहा कि 9 नवंबर को कार्यकर्ताओं पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में एबीवीपी प्रदेश के किसी भी कॉलेज में कक्षाएं नहीं लगने देगी। हर कॉलेज में विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे। उन्होंने प्रदेश सरकार पर शिक्षा माफिया और भू-माफिया को संरक्षण देने का आरोप लगाया। दत्त ने चेतावनी दी कि सरकार को इसका परिणाम भुगतना होगा। उधर, सदर पुलिस ने सीएम का रास्ता रोकने के आरोप में एबीवीपी के कार्यकर्ताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है।
मंडी के एसपी सोनल अगिAहोत्री ने बताया कि कार्यकर्ताओं ने पथराव किया और सादे कपड़ों में तैनात दो पुलिस कर्मियोंे के कपड़े भी फाड़ डाले। पथराव से तीन पुलिस कर्मियों को चोटें आई हैं।










