पूर्व सैनिकों के वेतन से कट रहा 24 फीसदी टैक्स
शिमला. सरकारी विभागों में तैनात पूर्व सैनिकों के वेतन से 24 फीसदी टैक्स कट रहा है। हिमाचल प्रदेश एक्स सर्विसमैन कॉपरेरेशन इन पूर्व सैनिकों को दोबारा नौकरी देने की एवज में 14 फीसदी सर्विस टैक्स काट लेता है जबकि 10 फीसदी टैक्स केंद्र सरकार को भेज दिया जाता है।
केंद्र सरकार के उपक्रम पूर्व सैनिकों को सुरक्षाकर्मी के तौर पर रखने की एवज में 10,500 रुपए प्रति पूर्व सैनिक के तौर पर भुगतान करता है। हिमाचल प्रदेश एक्ससर्विस मैन कॉपरेरेशन 10,500 रुपए लेने के बाद इन्हें सिर्फ 6491 रुपए देता है। राज्य सरकार के दफ्तरों में कार्यरत पूर्व सैनिकों को 5462 रुपए वेतन ही दिया जाता है। एक्स सर्विसमैन कॉपरेरेशन इनके वेतन से सर्विस टैक्स की एवज में 14 फीसदी रकम तो काटता, लेकिन इस रकम को सैनिकों के कल्याण पर खर्च नहीं किया जाता।
सरकारी दफ्तरों में हैं 1702 पूर्व सैनिक
भारत संचार निगम लिमिटेड, सतलुज जल विद्युत निगम, इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज, ज्वाला जी मंदिर, बिजली बोर्ड सहित कई सरकारी दफ्तरों, निगमों में 1702 पूर्व सैनिक सुरक्षाकर्मी के तौर पर तैनात किए गए हैं। सेवानिवृत्त होने के बाद ये फौजी हिमाचल प्रदेश एक्स सर्विस मैन कॉपरेरेशन में नाम दर्ज करवाते हैं।
एक्स सर्विसमैन कारपोरेशन इन्हें विभिन्न सरकारी विभागों में सुरक्षा ड्यूटी के तौर पर नौकरी देता है। प्राइवेट कंपनियों में कॉपरेरेशन पूर्व फौजियों को नौकरी नहीं देता। प्रदेश के चंबा और किन्नौर जिले को छोड़ कर सभी जिलों में विभिन्न सरकारी विभागों, निगमों में पूर्व सैनिकों को सुरक्षा के लिए तैनात किया गया है।
पूरी देते हैं सेलरी
शर्मा: हिमाचल प्रदेश एक्स सर्विस मैन कॉपरेरेशन के सचिव बीडी शर्मा ने माना कि केंद्र सरकार के उपक्रम एक सुरक्षा गार्ड की एवज में कॉपरेरेशन को 10,500 रुपए दिए जाते हैं। इस सेलरी से कॉपरेरेशन 14 फीसदी सर्विस टैक्स काट देता है, जबकि 10 फीसदी टैक्स काट कर केंद्र को भेजा जाता है। पूर्व फौजियों का पीएफ भी काटा जाता है।










