विस्थापितों को मिलेंगे मकान और प्लॉट
शिमला. हिमाचल प्रदेश पॉवर कापरेरेशन रेणुका बांध परियोजना से विस्थापित होने वाले हर परिवार को 150 वर्ग मीटर में बना मकान मुहैया कराएगा। इसके अलावा दूसरी योजना के तहत विस्थापितों को वैकल्पिक व्यवस्था के तहत 250 वर्ग मीटर का प्लॉट देगा, जिसमें 150 वर्ग मीटर का मकान बनाया जा सकता है। इसके लिए कार्पाेरेशन की ओर से चार हजार प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से निर्माण पर आने वाली लागत भी अदा की जाएगी।
रेणुका बांध से विस्थापित होने वाले दुकानदारों को परियोजना की ओर से निर्मित शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में एक एक दुकान और 20 हजार रु. विस्थापन राशि दी जाएगी। दुकान न दे पाने की स्थिति में दुकानदारों को दो लाख रु. मुआवजा राशि प्रदान की जाएगी। ऐसे परिवार जिनके पास अधिग्रहण के पहले पांच बीघा जमीन थी, अधिग्रहण के बाद कृषि भूमि बची ही नहीं, या केवल एक बिस्वा ही बची, उन्हें 2.50 लाख रु. एकमुश्त दिए जाएंगे।
विस्थापितों को पशुशाला के निर्माण के लिए दस हजार रुपए बतौर मुआवजा दिया जाएगा। इसके अलावा विस्थापित होने वाले अपंग, अनाथ, विधवा, अविवाहित, वित्तीय रूप से असमर्थ लड़कियां, तलाकशुदा एवं पांच वर्ष से ऊपर के लोगों को दस साल तक एक हजार रुपए हर महीने पेंशन दी जाएगी।
कापरेरेशन ने परियोजना से प्रभावित परिवारों के बच्चों को योग्य बनाने के लिए आईटीआई कोर्सो में प्रवेश दिलाने का प्रावधान भी किया है। इसके लिए कापरेरेशन ऐसे बच्चों को एक हजार प्रतिमाह की दर से वजीफा भी प्रदान कर रहा है। शिक्षा शुल्क का खर्च भी वहन किया जाएगा। प्रभावितों को परियोजना पूर्ण होने के बाद दस वर्षो तक प्रतिमाह 100 यूनिट बिजली भी मुफ्त मुहैया कराई जाएगी। प्रवक्ता ने बताया कि इन सबके अलावा कापरेरेशन परियोजना निर्माण की कुल लागत का डेढ़ प्रतिशत स्थानीय क्षेत्र के विकास पर भी खर्च करेगा।










