ओवरआर्चिग बॉडी पर सांसदों ने उठाए सवाल
नई दिल्ली. यूजीसी, एआईसीटीई जैसे संस्थानों के विकल्प के तौर पर ओवरआर्चिग बॉडी बनाने के प्रो. यशपाल कमेटी के सुझाव पर कई सांसदों ने सवाल उठाए हैं। मानव संसाधन मंत्रालय की संसदीय सलाहकार समिति की शनिवार को हुई बैठक में ज्यादातर सांसदों ने राय जताई कि इस मसले पर जल्दबाजी करने की बजाय व्यापक बहस कराई जानी चाहिए।
मानव संसाधन मंत्री कपिल सिब्बल ने कहा कि ओवरआर्चिग बॉडी बनाने का प्रस्ताव उच्च शिक्षा में गुणवत्ता और गुड गवर्नेस के लिए है। उन्होंने जोर देकर कहा कि उच्च शिक्षा के लिए नियामक ढांचा जरूर बनेगा। सिब्बल ने सांसदों को आश्वस्त किया कि इसके लिए देश की शिक्षा नीति से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। बैठक में कई सांसदों ने शिक्षा के व्यवसायीकरण और इसे मुनाफे का सौदा बनाने की कोशिशों पर विरोध जताया। जवाब में सिब्बल ने कहा कि केंद्र सरकार देश में आने वाले विदेशी शिक्षण संस्थानों को टच्यूशन फीस के जरिए लाभ कमाने की इजाजत नहीं देगी।
बैठक में बताया गया कि वर्ष 2020 तक देश को उच्च शिक्षा में 30 प्रतिशत सकल नामांकन दर पाने के लिए 27 हजार अतिरिक्त शिक्षण संस्थानों की जरूरत है। इनमें 14 हजार सामान्य उच्च शिक्षा कॉलेजों का आंकड़ा शामिल है। इसके अलावा 12,775 अतिरिक्त तकनीकी व प्रोफेशनल उच्च शिक्षा संस्थान और 269 अतिरिक्त विश्वविद्यालय होंगे।










