सिम पर प्रतिबंध से पर्यटन उद्योग पर चोट
श्रीनगर. जम्मू कश्मीर में पिछले माह होटलों के सैलानियों से खचाखच भरे होने पर होटल मालिकों और पर्यटन से जुड़े व्यवसाइयों को जो खुशियां नसीब हुई थीं, वो राज्य में प्री-पेड सिम पर प्रतिबंध लगने के बाद काफूर हो चुकी हैं। घाटी के सुरक्षित नहीं होने की आशंका के मद्देनजर पर्यटक अपनी बुकिंग रद्द कराने में जुटे हैं। पर्यटन उद्योग से जुड़े लोगों का मानना है कि प्री-पेड सिम पर प्रतिबंध से यह संदेश गया है कि घाटी सुरक्षित नहीं है।
कश्मीर होटल एंड रेस्टोरेंट्स ओनर्स फेडेरेशन (केएचआरओएफ) के अध्यक्ष मुस्तफा अहमद बुर्जा ने बताया, ‘सिम पर प्रतिबंध के बाद पर्यटन क्षेत्र में गिरावट देखी जा रही है। 20 साल में पहली बार इस साल अक्टूबर में भारी तादाद में पर्यटक आए थे। होटलों में 60 फीसदी तक कमरे भरे हुए थे। लेकिन सिम पर प्रतिबंध लगने से यह संदेश गया कि घाटी सुरक्षित नहीं है।’
बुर्जा ने कहा, ‘प्रतिबंध लगाए जाने के बाद 10 फीसदी लोगों ने अपनी बुकिंग रद्द कर दी है। टूर ऑपरेटरों को आशंका है कि आने वाले दिनों में यह संख्या बढ़ सकती है।’ इस साल यह दूसरा मौका है, जब राज्य में पर्यटन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। पहली बार तालिबान की मौजूदगी की आशंका जाहिर किए जाने के बाद पर्यटन क्षेत्र को झटका लगा था।
उस समय यहां पीक सीजन चल रहा था। राज्य सरकार ने इस वर्ष 15 लाख तीर्थ यात्रियों और पर्यटकों को आकर्षित करने का लक्ष्य निर्धारित किया था। लेकिन तालिबान की मौजूदगी की आशंका के कारण सैलानियों की संख्या में कमी आने से लक्ष्य को कम करके 10 लाख कर दिया गया है।










