कर्नाटक में जल्द चुनाव की इच्छुक नहीं कांग्रेस
नई दिल्ली. कर्नाटक में भाजपा सरकार के संकट में राजनीतिक लाभ देख रही कांग्रेस राज्य में जल्दी चुनाव की कोई इच्छा नहीं रखती। कांग्रेस के लिए यही अच्छा है कि येदियुरप्पा सरकार का संकट उसकी पूरी असलियत सामने आने तक चलता रहे। इससे कांग्रेस को अपनी स्थिति मजबूत करने का समय मिल जाएगा।
कर्नाटक कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने बताया, ‘पिछली बार जनता दल (एस) के साथ गठबंधन टूट जाने से भाजपा को नुकसान उठाना पड़ा था। इसी कारण येदियुरप्पा विधानसभा चुनाव में लोगों की सहानुभूति अपनी ओर खींचने में सफल रहे और निर्णायक बहुमत हासिल कर लिया था।
चुनाव में उन्होंने दावा किया था कि कुमारस्वामी ने उन्हें सत्ता नहीं सौंपकर धोखा दिया है। कांग्रेस नहीं चाहेगी कि एक बार फिर येदियुरप्पा यह कर लोगों की सहानुभूति हासिल कर लें कि रेड्डी बंधुओं की दौलत के चलते उन्हें मुख्यमंत्री की कुर्सी गंवानी पड़ी।’
कांग्रेस का मानना है कि भाजपा में यह अंतरकलह लंबा खिंचने पर ही उसे फायदा होगा। वह येदियुरप्पा और रेड्डी बंधुओं की सच्चई लोगों के सामने लाकर यह बताना चाहेगी कि एक महत्वाकांक्षी और विघटित पार्टी स्थिर सरकार देने में सक्षम नहीं है। कांग्रेस नेता ने कहा, ‘इससे हमें यह बताने का मौका मिलेगा कि भाजपा अच्छा शासन नहीं दे सकती है।’इस संकट का शुरू से फायदा उठाने में जुटी कांग्रेस अब पूरी तरह से चौकस हो गई है। कांग्रेस के एक सूत्र ने बताया, ‘जहां तक संगठन के मामलों की बात है, हम पूरी तरह से तैयार हैं।










