भागवत ने बढ़ाई भाजपा नेताओं की नाराजगी
नई दिल्ली. संघ प्रमुख मोहन भागवत के हाल के एक साक्षात्कार के समय और इसमें उनके एक बयान ने भाजपा नेताओं की नाराजगी बढ़ा दी है। साक्षात्कार में भागवत ने कहा था कि भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह का उत्तराधिकारी दिल्ली के बाहर का होगा।
इस बयान ने पार्टी के आंतरिक तानेबाने को गड़बड़ा दिया है और नए राजनीतिक समीकरण पैदा कर दिए हैं। भागवत की टिप्पणी को इस बात का साफ संकेत माना जा रहा है कि संघ भाजपा संगठन के छोटे-छोटे मामलों पर पकड़ बनाने और नीतिगत फैसलों को प्रभावित करने की इच्छा रखता है।
भागवत ने दिल्ली में जमे अरुण जेटली, सुषमा स्वराज, वेंकैया नायडू और अनंत कुमार जैसे भाजपा के दूसरी पंक्ति के नेताओं के पार्टी में बढ़ते कद को लेकर जारी प्रचार की भी हवा निकाल दी है। भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, ‘भागवत के बयान ने पार्टी के दूसरी पीढ़ी के नेताओं की रीढ़ तोड़ दी है, जिन्हें कभी पार्टी का आधार कहा जाता था।
अब हमारे प्रतिद्वंद्वी संघ प्रमुख के बयान का सहारा लेकर इन नेताओं और पार्टी की आलोचना करने से बाज नहीं आएंगे।’ संघ अब तक भाजपा के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करने से इनकार करता आया है। लेकिन भावी भाजपा अध्यक्ष को लेकर दिए गए बयान से साफ संकेत गया है कि संघ मुख्य मुद्दों पर पार्टी में दखल देगा।
भाजपा द्वारा मनमोहन सिंह को ‘कमजोर’ प्रधानमंत्री बताने के भाजपा के प्रचार अभियान का मकसद यह बताना था कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी उनसे ज्यादा ताकतवर हैं। लेकिन अब भाजपा को उन आरोपों का जवाब देने में दिक्कत पेश आएगी, जिसमें कहा जाता रहा है कि पार्टी संघ के इशारों पर चलती है।
मनोबल गिरा
पार्टी में संघ प्रमुख के बयान को लेकर व्यापक नाराजगी है, लेकिन भाजपा नेता खुलकर बोलने से कतरा रहे हैं। उन्हें आशंका है कि बयान के विरोध में मुंह खोलने पर इसका खामियाजा भुगतना पड़ सकता है। वे अंदर ही अंदर भागवत के साक्षात्कार के समय और बयान पर उंगली उठा रहे हैं। पार्टी के एक अन्य वरिष्ठ नेता ने कहा, ‘संघ प्रमुख ने जिस समय पर यह इंटरव्यू दिया है उससे पार्टी नेतृत्व का मनोबल गिरा है।’
नया पार्टी अध्यक्ष आने के बाद हटेंगे आडवाणी
संघ ने उन अटकलों को सिरे से खारिज कर दिया है, जिसमें कहा जा रहा था कि लोकसभा में विपक्ष के नेता लालकृष्ण आडवाणी रविवार को अपने जन्मदिन पर राजनीति से संन्यास ले लेंगे। संघ के वरिष्ठ प्रचारक राम माधव ने बताया कि अगले वर्ष नए भाजपा अध्यक्ष द्वारा कार्यभार संभालने के बाद ही आडवाणी अपने पद से हटेंगे।
उनके मुताबिक, वर्तमान भाजपा अध्यक्ष का कार्यकाल इस वर्ष दिसंबर में समाप्त हो जाएगा। नए अध्यक्ष के कार्यभार संभालने की औपचारिकता जनवरी के अंत तक पूरी हो जाएगी। एक बार यह प्रक्रि या पूरी हो जाएगी, तब पूर्व तय विषयों के अनुरूप आडवाणी हट जाएंगे।‘










