आंध्र में तेज हुई सियासी हलचल
नई दिल्ली. आंध्रप्रदेश में नेतृत्व के मसले पर सियासी हलचल फिर तेज हो गई है। मुख्यमंत्री के रोसैया की शनिवार को दिल्ली में कांग्रेस के आलानेताओं से हुई मुलाकात के बाद राज्य की राजनीति में उनका विरोधी धड़ा भी सक्रिय हो गया है। रोसैया ने शनिवार को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से भेंट की।
मुख्यमंत्री बनने के बाद रोसैया की यह पहली दिल्ली यात्रा है। आलाकमान से उनकी इस मुलाकात के बाद पूर्व मुख्यमंत्री वाईएसआर रेड्डी के बेटे व कांग्रेस सांसद जगनमोहन रेड्डी भी जल्द ही कांग्रेस अध्यक्ष से मिल सकते हैं।
बुलाई जा सकती है विधायक दल की बैठक
महाराष्ट्र सहित तीन राज्यों में विस चुनाव की प्रक्रिया खत्म होने के बाद आंध्रप्रदेश में राजनीतिक विवाद के पटाक्षेप के लिए आलाकमान जल्द ही विधायक दल की बैठक बुला सकता है। पिछले दिनों जगन ने कांग्रेस अध्यक्ष से मुलाकात की थी और उसके बाद से उनके तेवर काफी नरम हो गए हैं।
जगन समर्थक विधायक और मंत्री उन्हें मुख्यमंत्री बनाए जाने के लिए लगातार लॉबिंग कर रहे हैं लेकिन आलाकमान ने अब तक अपने पत्ते नहीं खोले हैं। उसकी कोशिश पूर्व मुख्यमंत्री वाईएसआर रेड्डी की मौत के बाद से राज्य में उभरी भावनाओं को शांत करने के बाद ही कोई फैसला करने की है।
रोसैया पर अलग-अलग राय
उधर, रोसैया को पूर्णकालिक मुख्यमंत्री बनाए रखने को लेकर भी कांग्रेस में अलग-अलग राय है। आंध्र प्रदेश में जिस तरह से राजनीतिक नफा-नुकसान के जातीय समीकरण हैं, उसमें रोसैया को बहुत फिट नहीं माना जा रहा है।










