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Sunday, November 08, 2009 01:53 [IST]  

danik bhaskarऐशपरस्ती के लिए बने चोर

भास्कर न्यूज

लुधियाना. राबिन व मनप्रीत के अभिभावकों ने उनकी पढ़ाई में कोई कसर नहीं छोड़ी। पेट काट-काट कर रुपए बचाए और उन्हें अच्छे इंजीनियरिंग कालेजों में दाखिला लेकर दिया। लेकिन ऐशो आराम और ईजी मनी के चक्कर में राबिन व मनप्रीत के पैर ऐसे लड़खड़ाए कि वह सीधे कानून के शिकंजे में आ गिरे। पढ़ाई का ध्यान छोड़ कर राबिन सिंह, मनप्रीत सिंह उर्फ मन्ना अपने एक अन्य दोस्त अजय भनौट उर्फ गोपी के साथ मिलकर मोटरसाइकिल चुराने लगे।



शुक्रवार को सीआईए स्टाफ-2 पुलिस ने तीनों को नगर निगम के पास माता रानी मंदिर के पास से गिरफ्तार कर लिया। तीनों बिना नंबर के मोटरसाइकिल पर सवार होकर जा रहे थे। सीआईए स्टाफ-2 इंचार्ज दिलप्रीत सिंह के अनुसार पूछताछ में आरोपी अपने मोटर साइकिल के कागजात नहीं दिखा पाए। पूछताछ में आरोपियों ने मोटरसाइकिल के चोरी के होने की बात स्वीकार की।



उन्होंने यह मोटरसाइकिल करीब डेढ़ महीना पहले सीएमसी अस्पताल के बाहर से चुराया। पूछताछ में आरोपियों ने पांच अन्य मोटर साइकिल चुराने की बात स्वीकार की। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने विभिन्न जगहों पर छिपाए मोटरसाइकिल बरामद कर लिए। आरोपियों ने यह मोटरसाइकिल डीएमसी, सीएमसी के नजदीक क्षेत्रों सहित 33 फुटा रोड, वेव्स मल्टीपलैक्स, फिरोजपुर रोड से चुराए थे।



आरोपियों ने माना कि वह ‘मास्टर की’ से मोटरसाइकिल खोल कर चुरा लेते थे। दिलप्रीत सिंह के अनुसार तीनों आरोपी जीवन नगर फोकल प्वाइंट के रहने वाले हैं। अजय भनोट खुद फैक्ट्री में काम करता है। उसका पिता तांत्रिक है। राबिन सिंह कटाणी स्थित इंजीनियरिंग कालेज और मनप्रीत सिंह लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में इंजीनियरिंग कर रहे हैं।



दोनों मध्यमवर्गीय परिवारों से संबंधित हैं। दोनों के पिता नौकरीपेशा हैं। दिलप्रीत सिंह के मुताबिक तीनों ऐशा आराम व घूमने फिरने के शौकीन हैं। अपनी ऐश और गर्लफ्रेंडस को घुमाने व तोहफे देने के लिए उन्होंने मोटर साइकिल चुराने शुरू किए। अभी वह मोटरसाइकिल बेचना चाहते थे।

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